इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिमों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर चिंता जताई है। मेरठ के एक जिम ट्रेनर पर महिला क्लाइंट को गाली देने और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। कोर्ट ने जांच अधिकारी से जिम के पंजीकरण और महिला ट्रेनर्स की उपलब्धता पर रिपोर्ट मांगी है।
👉 जिम में महिलाओं की सुरक्षा पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, मेरठ केस में जताई चिंता
Allahabad High Court strict on safety of women in gym, expressed concern in Meerut case
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिम में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने 27 अगस्त को यह टिप्पणी मेरठ के एक जिम ट्रेनर नितिन सैनी की अपील पर सुनवाई करते हुए की। सैनी पर आरोप है कि उसने एक महिला क्लाइंट को जातिसूचक शब्द कहे, धक्का दिया और अश्लील गालियां दीं।
महिला ने ट्रायल कोर्ट में गवाही दी कि आरोपी ने न सिर्फ उसके साथ दुर्व्यवहार किया बल्कि जिम की एक अन्य महिला क्लाइंट के अश्लील वीडियो भी बनाए और अश्लील सामग्री भेजी। इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करने के लिए हमला) और धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान) के तहत कार्रवाई की गई है।
हाई कोर्ट ने मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने के जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे हलफनामा दाखिल कर बताएं कि—
- क्या जिम विधिवत रूप से पंजीकृत है?
- क्या आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
- क्या जिम में महिला ट्रेनर्स उपलब्ध हैं?
कोर्ट ने टिप्पणी की कि आजकल पुरुष जिम ट्रेनर महिलाओं को ट्रेनिंग देते हैं, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए जिमों में पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अदालत ने इसे “चिंताजनक स्थिति” बताया और व्यवस्था सुधारने की जरूरत पर बल दिया।
मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2025 को होगी।
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