VVIP Agusta Chopper Scam: 3,600 करोड़ रुपए के कथित घोटाले में सुप्रीम कोर्ट का सवाल – क्या विदेशी होने के कारण मिशेल को बेल न दें?

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह कथित अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में बिचौलिए क्रिश्चन मिशेल की जमानत याचिका पर छह दिसंबर को सुनवाई करेगा। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज कर रखी हैं।

आज मंगलवार को अगस्ता वेस्टलैंड चॉपर घोटाला Agusta Westland Choper Scam मामले में आरोपी क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका Bail Petition पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसियों सीबीआई और ईडी से पूछा कि क्या क्रिश्चियन मिशेल को सिर्फ इसलिए जमानत न दी जाए कि वह विदेशी है? अदालत ने कहा कि कोर्ट के समक्ष जो तथ्य रखे गए हैं, उनमें किसी भी भारतीय नागरिक को जमानत दी जा सकती है।

ज्ञात हो की क्रिश्चियन मिशेल ब्रिटिश मूल का नागरिक है और चार वर्षो से अधिक समय से भारतीय जेल में बंद है। वीवीआईपी चॉपर घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल क्रिश्चियन मिशेल को दिसंबर 2018 में प्रत्यर्पण संधि के तहत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाया गया था।

सीजेआई डॉक्टर डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने पूछा कि मिशेल को कितने समय तक हिरासत में रखा जा सकता है और कहा कि आमतौर पर, अगर आरोपी भारतीय नागरिक होता, तो अदालत उसे जमानत देने को तैयार होती, खासकर उस अपराध के लिए चार साल से अधिक समय तक हिरासत में बिताया हो, जिसके लिए अधिकतम सजा पांच साल है।

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मामला अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदने में 3,600 करोड़ रुपए के कथित घोटाले से संबंधित है। पिछली सुनवाई के दौरान, आरोपी के वकील ने कहा था कि मामला सीआरपीसी CrPC की धारा 436ए (अधिकतम अवधि जिसके लिए विचाराधीन कैदी को हिरासत में लिया जा सकता है) के तहत आता है और उसने उस अपराध के लिए 50 प्रतिशत सजा काट ली है जिसे अंजाम देने का उस पर आरोप है। मिशेल के वकील ने कहा था कि आरोपी को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और तब से वह हिरासत में है और जांच अभी भी पूरी नहीं हुई है।

वकील ने कहा था कि मिशेल की दलील यह है कि भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत अधिकतम सजा पांच साल की है और वह करीब चार साल काट चुका है। जांच एजेंसियों की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा था कि बड़ी मुश्किल से जांच एजेंसी को उसकी हिरासत मिली है और ईडी ED की कार्यवाही पर धारा 436ए लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मिशेल ब्रिटेन का रहने वाला है और उसे दुबई से प्रत्यर्पित करके लाया गया था।

पीठ ने जांच एजेंसियों सीबीआई CBI और ईडी ED की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा कि हमज इसलिए कि वह एक विदेशी नागरिक है, हम उसे कब तक अपने पास रख सकते हैं? क्या यह उसकी स्वतंत्रता के पूर्ण अभाव को न्यायोचित ठहरा सकता है? अगर वह भारतीय नागरिक होता, तो अदालत उसे जमानत देने को तैयार होती।

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यह तर्क दिया गया मिशेल ने जमानत के लिए-

मिशेल ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज मामलों में जमानत के लिए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मिशेल के वकील ने अदालत को बताया कि 2004 से 2008 तक हुई घटना के लिए 2013 में दर्ज एक प्राथमिकी के संबंध में मिशेल ने अपने प्रत्यर्पण के बाद लगभग चार साल जेल में बिताए।