Victoria fled to Russia via Nepal with her child, Supreme Court expressed strong objection
सुप्रीम कोर्ट — बच्चे की अवैध कस्टडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख तलाश रही रूसी नागरिक विक्टोरिया अब खुद ही अपने चार साल के बेटे के साथ देश छोड़कर फरार हो चुकी है। भारत सरकार ने गुरुवार (17 जुलाई, 2025) को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि ईमेल आईपी और लोकेशन ट्रैकिंग से यह संकेत मिला है कि वह बिहार के रास्ते नेपाल में प्रवेश कर यूएई होते हुए रूस चली गई।
🏛 सुप्रीम कोर्ट की तीखी टिप्पणी:
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि यदि यह जानकारी आधिकारिक रूप से सत्यापित हो जाती है, तो वे महिला के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने और कूटनीतिक माध्यमों के ज़रिए कार्रवाई के निर्देश देंगे।
📌 मामला क्या है?
- रूसी महिला विक्टोरिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने पति सैकत बसु पर बेटे को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई 2025 को उसे सप्ताह में तीन दिन बेटे को अपने पास रखने की अनुमति दी थी।
- लेकिन इस व्यवस्था के तहत जब बच्चा उसकी कस्टडी में था, वह उसे लेकर लापता हो गई।
🕵️♂️ सैकत बसु ने क्या आरोप लगाए?
- सैकत बसु ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि
- विक्टोरिया को 7 जुलाई को एक रूसी राजनयिक के साथ दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में पिछले दरवाज़े से प्रवेश करते देखा गया,
- उस समय बच्चा उसके साथ था।
- 10 जुलाई को जब वह बच्चे को वापस लेने निर्धारित स्थान पर पहुंचे, विक्टोरिया नहीं आई।
👮♀️ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश:
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था।
- साथ ही रूसी दूतावास के अधिकारी के निवास की तलाशी की अनुमति भी दी गई।
- कोर्ट ने दूतावास से सहयोग की अपेक्षा जताई और सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स से जानकारी तलब करने का भी आदेश दिया।
📡 केंद्र सरकार की जानकारी:
- ईमेल आईपी और डिजिटल लोकेशन के विश्लेषण से पता चला है कि विक्टोरिया ने
- बिहार से नेपाल प्रवेश किया,
- फिर यूएई के रास्ते रूस रवाना हो गई।
- सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह जानकारी प्राथमिक है और औपचारिक पुष्टि प्रक्रिया में है।
⚖️ अगला कदम क्या?
- अदालत ने कहा कि अगर यह जानकारी आधिकारिक रूप से पुष्ट होती है, तो:
- रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी,
- और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक माध्यमों से बच्चे की वापसी के प्रयास किए जाएंगे।
