केरल HC ने BNS64 & 89 में दर्ज मामले में विधायक राहुल मामकूटाथिल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई

Like to Share

केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार मामले में आरोपी पालाक्काड़ विधायक राहुल मामकूटाथिल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई। सेशन कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद MLA हाईकोर्ट पहुँचे। मामला BNS 2023 की आठ गंभीर धाराओं में दर्ज है। विस्तृत सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।

केरल HC ने BNS64 & 89 में दर्ज मामले में विधायक राहुल मामकूटाथिल की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई

केरल हाईकोर्ट ने पालाक्काड़ से कांग्रेस के निलंबित विधायक राहुल मामकूटाथिल को बड़ी राहत देते हुए उनके विरुद्ध जारी गिरफ्तारी प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह राहत उन्हें उस गंभीर बलात्कार मामले में मिली है, जिसमें वे पिछले कई दिनों से पुलिस से बचते हुए फरार चल रहे हैं।

न्यायमूर्ति के. बाबू की पीठ ने विधायक की अग्रिम जमानत याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई करते हुए कहा कि मामले की विस्तृत दलीलें 15 दिसंबर को सुनी जाएँगी।

सेशन कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट की शरण

राहुल मामकूटाथिल ने हाईकोर्ट से राहत तब मांगी, जब तिरुवनंतपुरम प्रिंसिपल सेशन कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया। सेशन कोर्ट के आदेश के बाद से ही विधायक की मुश्किलें बढ़ गई थीं। इसी बीच, पुलिस ने रिपोर्ट किया कि आरोपित लगातार दस दिनों से फरार हैं और जांच में सहयोग नहीं कर रहे।

गंभीर आरोपों पर दर्ज मामला

पुलिस ने यह मामला एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि विधायक ने

  • विवाह का झांसा देकर यौन शोषण,
  • बार-बार बलात्कार,
  • और उनकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया।
Must Read -  क्या सीमा अधिनियम की धारा 4, एसीए की धारा 34(3) के तहत अतिरिक्त 30-दिवसीय क्षमा योग्य अवधि पर लागू होती है, सुप्रीम कोर्ट ने अदालत अवकाश विस्तार के दायरे को किया स्पष्ट

शुरुआत में प्राथमिकी नेडुमनगड वालेयमाला पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में इसे नेमाम पुलिस स्टेशन स्थानांतरित कर दिया गया, क्योंकि कथित घटनाएँ उसी क्षेत्राधिकार में हुई थीं।

आठ गैर-जमानती धाराओं के तहत FIR

मामला भारतीय दंड संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) 2023 की कुल आठ गंभीर व गैर-जमानती धाराओं में दर्ज किया गया है, जिनमें मुख्यतः शामिल हैं—

  • धारा 64 — बलात्कार
  • धारा 64(2) — एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार
  • धारा 64(f) — भरोसे या अधिकार की स्थिति में रहकर बलात्कार
  • धारा 64(h) — यह जानते हुए बलात्कार करना कि महिला गर्भवती है
  • धारा 64(m) — एक ही महिला के साथ दोहराया गया यौन अपराध
  • धारा 89 BNS — महिला की सहमति के बिना गर्भपात कराना
  • धारा 316 BNS — आपराधिक विश्वासघात
  • IT Act की धारा 68(e) — आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री का प्रसारण

इन सभी अपराधों के लिए सामूहिक सजा 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

राजनीतिक बयानबाज़ी और दलगत रुख

मामले ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने इतनी गंभीर और “हृदयविदारक” आरोपों के बावजूद लंबे समय तक राहुल मामकूटाथिल को बचाने की कोशिश की। उन्होंने इसे कांग्रेस की “विरासत पर धब्बा” बताते हुए सवाल उठाया कि आरोपित को कभी “भविष्य का निवेश” क्यों कहा गया।

Must Read -  इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने पत्नी से दुष्कर्म के आरोपी सिपाही को राहत देते हुए लगाई उसकी गिरफ्तारी पर रोक

उधर, केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (KPCC) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि गंभीर आरोपों और दर्ज मामलों के बाद राहुल मामकूटाथिल को पार्टी से स्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध या नैतिक विचलन को बर्दाश्त नहीं करती।

आगे क्या?

हाईकोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के बाद अगली महत्वपूर्ण तारीख 15 दिसंबर होगी, जब न्यायालय विस्तृत दलीलें सुनेगा। तब तक पुलिस को विधायक को गिरफ्तार करने से रोका गया है, हालांकि उनकी फरारी पर अदालत ने असंतोष भी व्यक्त किया है।


SEO Tags:

#KeralaHighCourt #RahulMamkootathil #KeralaNews #RapeCase #BNS2023 #LegalNews #AnticipatoryBail #CongressKerala #BreakingNewsHindi #CourtUpdates

Leave a Comment