स्टर्लिंग बायोटेक घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने सैंडेसारा ब्रदर्स के खिलाफ सभी आपराधिक कार्यवाही ₹5100 करोड़ की OTS राशि जमा करने की शर्त पर खत्म करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा—सार्वजनिक धन वापस मिलने पर आपराधिक मुकदमे जारी रखने का कोई उद्देश्य नहीं।
सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: ₹5100 करोड़ जमा करें, तो सैंडेसारा ब्रदर्स पर चल रहे सारे आपराधिक केस होंगे ख़त्म
स्टर्लिंग बायोटेक धोखाधड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक बड़ी राहत देते हुए नितिन और चेतन सैंडेसारा (Sterling Biotech के निदेशक) के खिलाफ चल रही सभी आपराधिक कार्यवाही ख़त्म करने की सहमति दे दी—लेकिन एक कड़ी शर्त पर।
शर्त: उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बकाया चुकाने के लिए ₹5100 करोड़ जमा करने होंगे।
🔹 अदालत की मुख्य टिप्पणी
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की दो-जज बेंच ने कहा:
“यदि याचिकाकर्ता OTS के अनुसार तय रकम जमा कर देते हैं और सार्वजनिक धन वापस बैंकों को मिल जाता है, तो आपराधिक कार्यवाही जारी रखने का कोई उद्देश्य नहीं रहता।”
🔹 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
1️⃣ ₹5100 करोड़ की पूरी राशि 17 दिसंबर 2025 तक जमा करनी होगी
- अदालत की रजिस्ट्री में
- एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की अनुमति
2️⃣ राशि जमा होते ही सभी आपराधिक केस स्वतः समाप्त
- CBI के धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले
- ED की मनी लांड्रिंग और Fugitive Economic Offenders Act की कार्रवाई
- SFIO की Companies Act के तहत अभियोजन
- IT Department के Black Money Act वाले केस
- OTS से जुड़े सभी विवाद
➡️ सभी को “पूर्ण और अंतिम निपटान” माना जाएगा।
3️⃣ रजिस्ट्री बैंक दावों की जांच कर रकम बाँटेगी
- Registrar (Judicial–Administration) बैंक द्वारा दिए गए विवरण की जांच करेगा
- आवश्यकता पड़ने पर अकाउंट्स विभाग की सहायता ले सकता है
- स्पष्टीकरण हेतु बेंच से निर्देश भी मांग सकता है
4️⃣ आदेश को मिसाल नहीं माना जाएगा
कोर्ट ने स्पष्ट किया:
“यह आदेश मामले की विशेष परिस्थितियों में दिया गया है और भविष्य में मिसाल के रूप में लागू नहीं होगा।”
🔹 पृष्ठभूमि: स्टर्लिंग बायोटेक फ्रॉड केस
सैंडेसारा ब्रदर्स के खिलाफ कई एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की थी—
CBI (2017 से)
- भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, 420, 409 IPC
- चार्जशीट दायर
ED
- मनी लांड्रिंग
- संपत्ति कुर्क
- Fugitive Economic Offender घोषित किया
- आरोपी भारत छोड़कर नाइजीरिया में रह रहे हैं
SFIO
- कॉर्पोरेट फ्रॉड—Companies Act के तहत अभियोजन
Income Tax Department
- Black Money Act
- विदेशों में कथित अवैध संपत्तियों से जुड़े आरोप
🔹 सुप्रीम कोर्ट का राहत वाला निष्कर्ष
अब, सभी बैंक और जांच एजेंसियों की सहमति से तैयार OTS के अनुसार ₹5100 करोड़ जमा करने पर:
✔ सैंडेसारा ब्रदर्स को सभी केसों से क्लीन चिट मिल जाएगी
✔ उनके Chartered Accountant हेमंत एस. हाठी के खिलाफ भी सभी कार्यवाही बंद होगी
यह आदेश उन मामलों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहाँ सार्वजनिक धन की वसूली और आपराधिक मुकदमों के बीच संतुलन बनाना जटिल होता है।
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