🧑⚖️आजमगढ़ साइबर क्राइम: 208 बैंक खातों से करोड़ों की ठगी के आरोपी को मिली राहत, कोर्ट ने माना ट्रायल में सहयोग का वादा
Azamgarh Cyber Crime: Accused of fraud of crores from 208 bank accounts gets relief, court accepts promise of cooperation in trial
रिपोर्ट | लीगल ब्यूरो
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ के चर्चित 194 करोड़ रुपये के साइबर अपराध मामले में आरोपी विवेक जायसवाल की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी की एकल पीठ ने दिया।
आजमगढ़ पुलिस ने क्रिकेट ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि यह गिरोह 208 बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने अब तक गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और 1 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं।
🔍 पुलिस का दावा
- गिरोह सोशल मीडिया के जरिये लोगों को फर्जी वेबसाइट Fake Website पर लॉगिन करने को कहता था।
- लोगों को ऑनलाइन टास्क पूरा कर पैसे दोगुने करने का लालच दिया जाता था।
- रुपये प्राप्त कर उन्हें फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
- कार्रवाई के दौरान 20 हजार रुपये नकद, 51 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 42 एटीएम कार्ड, 13 पासबुक और कई सिम कार्ड जब्त किए गए।
🧾 याची की दलीलें
विवेक जायसवाल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की।
याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया:
- याची निर्दोष है और झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
- उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य उपलब्ध नहीं है।
- वह जांच और ट्रायल में पूरा सहयोग करेगा और समय पर अदालत में पेश होगा।
⚖️ कोर्ट का विश्लेषण
न्यायालय ने आरोपों की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों, और याची द्वारा सहयोग का वादा देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका सशर्त स्वीकार कर ली।
