Supreme Court quashes criminal case against actor Mohan Babu and his son, says- peaceful protest is part of freedom of expression
सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण धरने में भाग लेने पर दर्ज एफआईआर को रद्द किया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बताया मौलिक अधिकार
नई दिल्ली, जुलाई 2025 — सुप्रीम कोर्ट ने प्रसिद्ध तेलुगू अभिनेता मांचू मोहन बाबू और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे थे।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह निर्णय Manchu Mohan Babu v. State of Andhra Pradesh & Anr. (2025 INSC 916) में सुनाया।
🔹 मामला क्या था?
वर्ष 2019 में लोकसभा और आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान मॉडल आचार संहिता लागू थी। इसी बीच मोहन बाबू, उनके बेटे, संस्थान के कर्मचारी और छात्र–छात्राओं ने सरकारी छात्रवृत्ति (फीस रिइम्बर्समेंट) न मिलने को लेकर सरकार के खिलाफ एक रैली और धरना आयोजित किया।
राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से ट्रैफिक में बाधा, असुविधा, और सार्वजनिक जोखिम हुआ। इसके आधार पर IPC की धाराएँ 290 (सार्वजनिक उपद्रव), 341 (गति में अवरोध), 171F (चुनाव में हस्तक्षेप) और पुलिस अधिनियम, 1861 की धारा 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा:
“एफआईआर और आरोपपत्र पढ़ने पर ऐसा कोई आरोप नहीं बनता जो इन धाराओं के तहत अपराध की श्रेणी में आता हो।”
पीठ ने यह भी कहा:
“यह स्पष्ट है कि याचिकाकर्ताओं ने कोई ऐसा कृत्य नहीं किया जिससे सार्वजनिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ हो या चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा पहुँची हो।”
न्यायालय ने आगे कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, और उसमें कोई हिंसात्मक या गैरकानूनी गतिविधि नहीं हुई थी। इसलिए मामले को आगे बढ़ाने का कोई उद्देश्य नहीं है।
🧑⚖️ वकीलों की भूमिका
- वरिष्ठ अधिवक्ता राघवेंद्र एस. श्रीवत्स ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी की।
- प्रेरणा सिंह ने राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखा।
📌 निर्णय:
सुप्रीम कोर्ट ने न केवल एफआईआर को निरस्त किया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संविधान प्रदत्त अधिकार है, और इसका दंडात्मक रूप में दमन नहीं किया जा सकता।
मामला: Manchu Mohan Babu v. State of Andhra Pradesh & Anr.
