CJI का आत्ममंथन: “न्यायाधीशों की अपूर्णता स्वीकार करना ही सच्चे न्यायिक नेतृत्व की पहचान”
🏛️ CJI Surya Kant का आत्ममंथन: “न्यायाधीशों की अपूर्णता स्वीकार करना ही सच्चे न्यायिक नेतृत्व की पहचान” Meta Description: भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक नेतृत्व तब कमजोर होता है जब न्यायाधीश स्वयं को ‘परिपूर्ण’ मानने लगते हैं। राष्ट्रमंडल न्यायिक शिक्षकों Commonwealth Judicial Teachers (CJE) की 11वीं बैठक में उन्होंने न्यायिक शिक्षा … Read more