यूट्यूब चैनल ‘4PM न्यूज़’ पर बैन के खिलाफ याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और गृह मंत्रालय से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा की ओर से दायर उस याचिका पर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया जिसमें उनके यूट्यूब चैनल ‘4PM न्यूज़’ को राष्ट्रीय सुरक्षा और लोक व्यवस्था के आधार पर प्रतिबंधित किए जाने को चुनौती दी गई है।
न्यायमूर्ति बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने संबंधित प्रतिवादी अधिकारियों को प्रारंभिक रूप से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा मामले की तत्काल सुनवाई की मांग किए जाने पर, पीठ ने मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
याचिकाकर्ता संजय शर्मा, जो ‘4PM न्यूज़’ के प्रधान संपादक हैं, ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि चैनल को ब्लॉक किया जाना मनमाना और असंवैधानिक है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सरकार ने चैनल पर रोक लगाने से पहले शर्मा को न तो कोई पूर्व सूचना दी और न ही पक्ष रखने का अवसर।
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट सिब्बल ने अदालत से कहा, “मेरे मुवक्किल को अब तक कोई ब्लॉकिंग आदेश तक नहीं मिला है और उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि उन पर आरोप क्या हैं।” उन्होंने इस कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया।
याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2009 — [Information Technology (Procedure and Safeguards for Blocking for Access of Information by Public) Rules, 2009] — की वैधता को भी चुनौती दी गई है। शर्मा ने अदालत से अनुरोध किया है कि इन नियमों की संवैधानिक समीक्षा की जाए क्योंकि ये गोपनीयता, पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के प्रतिकूल हैं।
अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है, जहां सरकार को बताना होगा कि चैनल को ब्लॉक करने की प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन क्यों नहीं किया गया।
