अगस्ता वेस्टलैंड मामला: Defsys Solutions पर कारोबार निलंबन हटाने के आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

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अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने Defsys Solutions पर कारोबार निलंबन हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील खारिज कर दी।


अगस्ता वेस्टलैंड मामला: Defsys Solutions पर कारोबार निलंबन हटाने के आदेश में दखल से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार की उस विशेष अनुमति याचिका (SLP) को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत Defsys Solutions Private Ltd के साथ सरकारी कारोबार पर लगाए गए निलंबन को हटाने का निर्देश दिया गया था। यह निलंबन कंपनी की कथित संलिप्तता के आधार पर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर घोटाले में लगाया गया था।

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. एम. नटराज ने स्पष्ट किया कि सीबीआई को अब तक Defsys के खिलाफ कोई नया या प्रतिकूल सामग्री नहीं मिली है

पहले ही दिया गया था अवसर

गौरतलब है कि 16 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह अवसर दिया था कि यदि एजेंसी के पास कंपनी के खिलाफ कोई नया साक्ष्य हो, तो उसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। सोमवार को सुनवाई के दौरान ASG नटराज ने अदालत को सूचित किया कि ऐसी कोई नई सामग्री उपलब्ध नहीं है

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मुख्य आरोपी को राहत, सह-आरोपी पर कार्रवाई कैसे?

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्य आरोपी अगस्ता वेस्टलैंड को ही राहत मिल चुकी है, तो Defsys के खिलाफ आगे कैसे कार्रवाई की जा सकती है। इससे पहले भी अदालत ने टिप्पणी की थी कि सरकार का पूरा मामला इस आधार पर था कि अगस्ता वेस्टलैंड से धन Defsys के जरिए प्रवाहित हुआ, लेकिन जब स्वयं अगस्ता वेस्टलैंड को राहत दी जा चुकी है, तो Defsys के विरुद्ध कार्रवाई का आधार कमजोर हो जाता है।

Defsys की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता की दलील

Defsys की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा,

“मैंने अगस्ता वेस्टलैंड से एक भी रुपया नहीं लिया है।”

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि घटना को 12 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

अदालत ने अपने आदेश में कहा:

“इस न्यायालय द्वारा 16 दिसंबर, 2025 को दी गई अनुमति के अनुसार, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने सीबीआई के निर्देश पर यह बयान दिया है कि फिलहाल प्रतिवादी के खिलाफ कोई प्रतिकूल सामग्री नहीं मिली है। ऐसी स्थिति में हम हाईकोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं देखते। SLP खारिज की जाती है।”

हालांकि, पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में एजेंसी को कोई नया साक्ष्य प्राप्त होता है, तो वह कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।

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रक्षा मंत्रालय से संपर्क की छूट

अपील खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि Defsys Solutions अब रक्षा मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपने कारोबारी निलंबन से संबंधित शिकायत के निवारण के लिए संपर्क कर सकती है।

Tags: Supreme Court, AgustaWestland Case, Defsys Solutions, CBI Investigation, Defence Contracts, Delhi High Court, SLP Dismissed, Blacklisting of Firms

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