सुप्रीम कोर्ट ने कुकी समुदाय को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार ठहराने वाली याचिका को एकतरफा बताते हुए किया सुनवाई से इनकार

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उच्चतम न्यायलय में सोमवार 31 जुलाई 2023 को कुकी घुसपैठियों को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार बताने वाली उस याचिका आई लेकिन कोर्ट ने उसको सुनने से इनकार कर दिया, जिसमें सिर्फ अवैध कुकी घुसपैठियों को मणिपुर हिंसा का जिम्मेदार बताया गया था।

चीफ जस्टिस ने इसे एकतरफा बताते हुए याचिका सुधार कर दोबारा दाखिल करने को कहा। दरअसल, पीपल्स अलायंस फॉर पीस एंड प्रोग्रेस, मणिपुर की याचिका में कहा गया था कि कुकी लोग जंगलों को काट कर अफीम की खेती कर रहे हैं। यही हिंसा की मुख्य वजह है। वहीं मणिपुर में महिलाओं के साथ अभद्रता मामले में सुनवाई होना अभी बाकी है।

सुप्रीम कोर्ट सोमवार 31 जुलाई 2023 को मणिपुर में महिलाओं के साथ अभद्रता मामले में भी सुनवाई करेगा। केंद्र सरकार ने 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया था जिसमें बताया गया कि महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी के मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया है। सुनवाई से पहले उन 2 महिलाओं ने भी याचिका दाखिल की है जिनके साथ वायरल वीडियो में अमानवीय व्यवहार किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट को जानकारी कहा याचिका एकतरफा-

मणिपुर की महिलाओं की वायरल वीडियो मामले में केंद्र सरकार ने गुरुवार 27 जुलाई 2023 को हलफनामें में कहा कि राज्य सरकार की इजाजत लेकर मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर की जा रही हैं। सरकार ने कहा कि मुकदमे का तेजी से निपटारा जरूरी है। कोर्ट मुकदमा राज्य से बाहर ट्रांसफर करने की अनुमति दे। वहीं सोमवार को मणिपुर से जुड़ी एक दूसरी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे एकतरफा बताया। इस मणिपुर की याचिका में कहा गया था कि कुकी लोग जंगलों को काटकर अफीम की खेती कर रहे हैं, जिसे याचिका में हिंसा की मुख्य वजह बताया गया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को एकतरफा बताते हुए याचिका में सुधार की बात कही और दोबारा याचिका दाखिल करने के लिए कहा।

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अस्तु इस प्रकार से तो ऐसा लगता है की न्यायिकतंत्र को ज्ञात है की दोषी कौन है।