आतंकी फंडिंग केस में हिरासत में बंद बारामूला सांसद इंजीनियर राशिद को संसद सत्र में भाग लेने के लिए कस्टडी पैरोल मंजूर

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MP Engineer Rashid, who is in jail in terror funding case, granted custody parole for Parliament session


Engineer Rashid को 24 जुलाई से 4 अगस्त तक संसद की कार्यवाही में भाग लेने की सशर्त अनुमति | अंतरिम जमानत अर्जी खारिज


नई दिल्ली, पटियाला हाउस कोर्ट — राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) मामलों की विशेष अदालत ने मंगलवार को बारामूला से सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ इंजीनियर राशिद को 24 जुलाई से 4 अगस्त, 2025 तक चलने वाले संसद के मानसून सत्र में कस्टडी पैरोल पर भाग लेने की अनुमति दे दी है।

विशेष न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने यह आदेश देते हुए कहा कि सांसद को सुरक्षा व्यवस्था की लागत वहन करनी होगी और अन्य शर्तों का भी पालन करना होगा। साथ ही, अदालत ने अंतरिम जमानत की याचिका खारिज कर दी है


⚖️ कोर्ट की कार्यवाही और आदेश:

  • इंजीनियर राशिद इस समय हाफिज सईद से जुड़े आतंकी फंडिंग मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
  • उनके वकीलों आदित्य वाधवा, विख्यात ओबेरॉय और निशिता गुप्ता ने अदालत से अंतरिम जमानत की मांग की थी, ताकि वह संसद की कार्यवाही में भाग ले सकें।
  • वैकल्पिक रूप से, उन्होंने बिना यात्रा व्यय भुगतान किए कस्टडी पैरोल पर संसद में शामिल होने की अनुमति मांगी थी।
  • वकीलों ने तर्क दिया कि उन्हें पहले भी 10 सितंबर 2024 को विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे तीन बार बढ़ाया गया।
  • इसके अलावा, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें 10 फरवरी और 25 मार्च 2025 को संसद में हिरासत में रहते हुए भाग लेने की अनुमति दी थी, जहां उन्होंने कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी की।
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🛡️ एनआईए की आपत्ति और कोर्ट की प्रतिक्रिया:

  • NIA ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि अंतरिम राहत नहीं दी जानी चाहिए।
  • अगर उन्हें हिरासत में संसद जाने की अनुमति दी जाती है, तो यात्रा व सुरक्षा खर्च का भुगतान अनिवार्य किया जाए
  • वकीलों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि सांसद लोक सेवा हेतु संसद जा रहे हैं, न कि व्यक्तिगत उद्देश्य से, इसलिए खर्च वसूलना अनुचित होगा।

🔍 पृष्ठभूमि:

  • इंजीनियर राशिद को पहले भी संसद सत्र में भाग लेने और शपथ लेने के लिए अनुमति दी जा चुकी है
  • वे इस समय NIA द्वारा दर्ज आतंकी फंडिंग केस में न्यायिक हिरासत में हैं।
  • उन्हें 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे मिसाल के रूप में पेश किया गया।

📌 निष्कर्ष:

  • अंतरिम जमानत अस्वीकृत, लेकिन कस्टडी पैरोल पर संसद में भागीदारी की अनुमति दी गई, वह भी 24 जुलाई से 4 अगस्त तक
  • सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था की लागत अभियुक्त को वहन करनी होगी
  • यह आदेश लोकतांत्रिक दायित्वों और सुरक्षा संतुलन के सिद्धांतों पर आधारित है।

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