जस्टिस लिसा गिल आंध्र HC की पहली महिला सीजे बनने की राह पर, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस लिसा गिल को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद वह राज्य की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनेंगी। नई नीति के तहत दो महीने पहले ट्रांसफर किया जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के रूप में जस्टिस लिसा गिल के नाम की सिफारिश की है। यह निर्णय गुरुवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

यदि भारत के राष्ट्रपति इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो जस्टिस लिसा गिल आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रचेंगी।

दो महीने पहले ट्रांसफर की सिफारिश

कॉलेजियम ने सिफारिश की है कि जस्टिस लिसा गिल को मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर के 24 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने से दो महीने पहले ही आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाए। इसके बाद 25 अप्रैल से उन्हें औपचारिक रूप से मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाए।

वर्तमान में जस्टिस लिसा गिल पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में तीसरी वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं। वहीं, जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मौजूदा मुख्य न्यायाधीश हैं और उनका कार्यकाल शीघ्र समाप्त होने वाला है।

नई नीति: अग्रिम नामांकन की परंपरा

जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति में एक नई नीति लागू की है। इस नीति के अनुसार, किसी भी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने से कम से कम दो महीने पहले उनके उत्तराधिकारी की सिफारिश कर दी जाएगी।

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आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य न्यायिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना और कार्यकुशलता तथा गुणवत्ता में सुधार लाना है। नई व्यवस्था के तहत नामित न्यायाधीश को दो महीने पहले संबंधित हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दिया जाएगा, ताकि वे औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करने से पहले न्यायालय के प्रशासनिक और न्यायिक कामकाज से परिचित हो सकें।

इस नीति के तहत जस्टिस लिसा गिल पहले आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगी और जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर के सेवानिवृत्त होने के बाद मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण करेंगी।

कौन हैं जस्टिस लिसा गिल?

जस्टिस लिसा गिल चंडीगढ़ की निवासी हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल से प्राप्त की और गवर्नमेंट विमेंस कॉलेज से मानविकी विषय में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से एलएलबी और एलएलएम की डिग्री हासिल की।

उन्होंने वर्ष 1990 में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। अपने पेशेवर करियर में उन्होंने यूनियन टेरिटरी चंडीगढ़ और विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों व बोर्डों का प्रतिनिधित्व किया। 31 मार्च 2014 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।

संभावित बदलाव और अटकलें

कानूनी हलकों में यह भी चर्चा है कि जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो जस्टिस लिसा गिल अपेक्षित समय से पहले ही आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभाल सकती हैं। हालांकि इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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ऐतिहासिक महत्व

यदि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलती है, तो यह नियुक्ति न केवल आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के इतिहास में मील का पत्थर होगी, बल्कि उच्च न्यायपालिका में महिला प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करेगी।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम का यह निर्णय प्रशासनिक निरंतरता और संस्थागत स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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