POCSO Act पर सुप्रीम कोर्ट: ‘प्रेम संबंध’ और ‘बलात्कार’ मामलों में अंतर जरूरी
Supreme Court on POCSO Act: It is important to differentiate between ‘love affair’ and ‘rape’ cases
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पॉक्सो मामलों में बलात्कार और किशोर प्रेम संबंधों में फर्क जरूरी है। सहमति की आयु घटाने पर अगली सुनवाई 26 अगस्त को।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों और वयस्कता की दहलीज पर खड़े किशोरों के वास्तविक प्रेम संबंधों के मामलों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत सहमति की आयु 18 से घटाकर 16 वर्ष करने संबंधी याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत को समाज की वास्तविकताओं को भी ध्यान में रखना होगा।
पीठ ने कहा—
“सह-शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों में किशोर एक-दूसरे के प्रति भावनाएं विकसित करते हैं। क्या प्रेम करना अपराध है? हमें बलात्कार जैसे आपराधिक कृत्य और ऐसे वास्तविक प्रेम संबंधों के बीच फर्क करना होगा।”
अदालत ने आगे कहा कि अक्सर इन मामलों में लड़की के माता-पिता शिकायत दर्ज करा देते हैं, जिससे लड़का जेल चला जाता है और दोनों युवाओं पर गहरा मानसिक आघात पड़ता है। कई बार भागकर शादी करने के मामलों को भी POCSO Case बना दिया जाता है।
वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फूलका ने याचिकाकर्ता संगठन की ओर से दलील दी कि ऐसे मामलों में युवाओं को सुरक्षा मिलनी चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया कि पुलिस को हर मामले में यह देखना होगा कि मामला अपहरण/तस्करी का है या वास्तविक प्रेम संबंध का।
फूलका ने बताया कि सहमति की आयु से जुड़ा मुद्दा सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य पीठ में भी लंबित है। पीठ ने सुनवाई 26 अगस्त तक टाल दी और कहा कि तब तक संबंधित आदेश रिकॉर्ड पर लाए जाएं।
उधर, केंद्र सरकार ने हाल ही में अपने लिखित जवाब में सहमति की आयु 18 वर्ष बनाए रखने का जोरदार समर्थन किया है। सरकार का कहना है कि यह नीति नाबालिगों को यौन शोषण से बचाने के लिए जरूरी है और सहमति की आयु घटाना “कानूनी दृष्टि से खतरनाक व असंगत” होगा।
इस तरह सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी एक बार फिर इस बहस को सामने लाती है कि कानून द्वारा बच्चों की सुरक्षा और किशोर प्रेम संबंधों की सामाजिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
अगली सुनवाई: 26 अगस्त 2025
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