Habeas Corpus: अवैध हिरासत के आरोपों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन को जारी किया नोटिस

UAE से प्रत्यर्पित ड्रग तस्करी मामले के आरोपी रितिक बजाज की कथित अवैध न्यायिक हिरासत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। याचिका में 24 जनवरी 2026 से अवैध हिरासत का आरोप लगाया गया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को रितिक बजाज की ओर से दायर हैबियस कॉर्पस याचिका पर दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया। रितिक बजाज को 23 दिसंबर 2025 को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाया गया था और वह अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जुड़े एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले में आरोपी है।

Habeas Corpus: अवैध हिरासत के आरोपों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और जेल प्रशासन को जारी किया नोटिस

24 जनवरी 2026 से अवैध हिरासत का आरोप

याचिका में आरोप लगाया गया है कि 23 जनवरी 2026 के बाद रितिक बजाज की न्यायिक हिरासत अवैध है, क्योंकि उस अवधि के बाद दिल्ली पुलिस ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए कोई आवेदन दाखिल नहीं किया। इसके बावजूद उसे जेल में रखा गया, जिससे उसकी हिरासत 24 जनवरी 2026 से अवैध हो गई।

याचिकाकर्ता ने अदालत से निर्देश मांगा है कि रितिक बजाज को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए और तत्काल रिहा किया जाए।

हाईकोर्ट की पीठ और अगली सुनवाई

जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर दुडेजा की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस और जेल अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को सूचीबद्ध की गई है।

दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक (SPP) अखंड प्रताप सिंह ने पेशी दी।

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याचिकाकर्ता का पक्ष: ‘बिना आवेदन हिरासत नहीं बढ़ाई जा सकती’

रितिक बजाज की ओर से पेश हुए एडवोकेट प्रभाव रल्ली ने दलील दी कि न्यायिक हिरासत को बिना विधिवत आवेदन के बढ़ाया जाना कानूनन असंवैधानिक और मनमाना है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस व्यवस्था के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत बढ़ाने के लिए कोई आवेदन दाखिल नहीं किया, और न ही कोई न्यायिक आदेश पारित हुआ।

याचिका में यह भी कहा गया है कि:

  • 23 दिसंबर 2025 को रितिक बजाज को अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया
  • उसी दिन उसे एनडीपीएस विशेष न्यायाधीश, तिस हजारी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया
  • 23.12.2025 को पुलिस हिरासत
  • 26.12.2025 और 09.01.2026 को न्यायिक हिरासत
  • हिरासत 23 जनवरी 2026 तक वैध थी, इसके आगे नहीं

पहले से गिरफ्तारी को दी गई है चुनौती

याचिका में यह भी बताया गया कि रितिक बजाज ने अपनी गिरफ्तारी को पहले ही दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया हुआ है।

तिस हजारी कोर्ट का पूर्व आदेश और पुलिस का पक्ष

तिस हजारी कोर्ट ने 23 दिसंबर 2025 को रितिक बजाज की तीन दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की थी। अदालत ने यह निर्णय निम्न तथ्यों को ध्यान में रखते हुए लिया था:

  • 563 किलोग्राम कोकीन और मेफेड्रोन
  • 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक थाई गांजा
  • कई सह-आरोपी
  • दिल्ली पुलिस द्वारा सह-आरोपियों के खिलाफ पहले ही मुख्य चार्जशीट दाखिल

अदालत ने यह भी कहा था कि रितिक बजाज फरार था और उसे 2 अक्टूबर 2024 को दर्ज मामले की जानकारी अवश्य रही होगी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसने जांच में सहयोग नहीं किया।

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ड्रग कार्टेल की पूरी चेन उजागर करने का दावा

दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा था कि रितिक बजाज की हिरासत आवश्यक है ताकि:

  • अंतरराष्ट्रीय और घरेलू ड्रग कार्टेल की पहचान की जा सके
  • दिल्ली/NCR और अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क को तोड़ा जा सके
  • सह-आरोपियों के मोबाइल डेटा से आरोपी का सामना कराया जा सके
  • आरोपी के मोबाइल फोन और पासपोर्ट की बरामदगी हो
  • ड्रग तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक का पता लगाया जा सके

अब इस मामले में हाईकोर्ट का अगला रुख 29 जनवरी 2026 की सुनवाई में स्पष्ट होगा।


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