BS-VI वाहन चलें या नहीं? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा दिल्ली-NCR में उम्र आधारित बैन की वैधता

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Should BS-VI vehicles run or not? Supreme Court will decide the validity of age based ban in Delhi-NCR

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी, जिसमें BS-VI उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों को दिल्ली-NCR में चलने की अनुमति देने की मांग की गई है, भले ही वे निर्धारित आयुसीमा पार कर चुके हों।

मुख्य न्यायाधीश BR गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह तय करने पर सहमति जताई कि क्या BS-VI अनुपालक पेट्रोल और डीजल वाहनों पर क्रमशः 15 वर्ष और 10 वर्ष की उम्र आधारित पाबंदी लागू की जानी चाहिए, या फिर उन्हें उनके कम प्रदूषणकारी स्वभाव के चलते छूट दी जा सकती है।

🔹 कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

एक वकील ने मामले का तत्काल उल्लेख करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में निर्धारित की गई उम्र सीमा को सरकार एकतरफा बदल नहीं सकती, और ऐसे वाहनों को चलने की अनुमति देने के लिए शीर्ष अदालत से दिशा-निर्देश आवश्यक हैं

🔹 पृष्ठभूमि: NGT और सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश

  • 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली-NCR में 10 साल से पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया था।
  • सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में NGT के इन निर्देशों को बरकरार रखा था।

🔹 हालिया प्रशासनिक कदम और विवाद

  • दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2025 से15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को ईंधन न देने’ की नीति लागू की थी, जो Commission for Air Quality Management (CAQM) के आदेश के तहत किया गया।
  • लेकिन सार्वजनिक विरोध और व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए, महज दो दिन बाद इस नीति को स्थगित कर दिया गया।
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⚖️ अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सवाल:

  • क्या BS-VI उत्सर्जन मानक अपनाने वाले वाहन, जो तकनीकी रूप से कम प्रदूषण फैलाते हैं, को पूर्व निर्धारित जीवन सीमा के बाद भी संचालन की अनुमति दी जा सकती है?
  • क्या एक blanket (सामूहिक) उम्र आधारित प्रतिबंध की जगह प्रदूषण क्षमता के आधार पर छूट दी जानी चाहिए?

पीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई सोमवार के लिए सूचीबद्ध कर दी है।

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