सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर अपनी अंतरिम रोक को 22 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया। मामला 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सेना पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। अदालत ने अपील स्वीकार कर विस्तृत सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध किया।
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ कार्यवाही पर 22 अप्रैल 2026 तक रोक बढ़ाई
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर अपनी पूर्व अंतरिम रोक को 22 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है। मामला 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के संदर्भ में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है।
यह आदेश राहुल गांधी द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के 29 मई 2024 के उस आदेश को चुनौती देने वाली अपील में पारित किया गया, जिसमें हाईकोर्ट ने समन आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया था।
🔹 पीठ ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंद्रेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की दो-न्यायाधीशों वाली पीठ ने:
- राहुल गांधी की अपील स्वीकार की,
- कहा कि वह मामले की विस्तृत सुनवाई करेगी,
- और अंतरिम संरक्षण को 22 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया।
🔹 अगस्त 2025 की सुनवाई में क्या हुआ था?
4 अगस्त 2025 को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी और राहुल के बयान पर कठोर टिप्पणी की थी।
बेंच का प्रश्न:
“आपको कैसे पता कि 2,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर चीन ने कब्जा किया है? आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है?”
बेंच ने आगे कहा:
“अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो ऐसा बयान नहीं देंगे।”
सुप्रीम कोर्ट ने उस समय उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा था।
🔹 राहुल गांधी की ओर से पेश दलीलें
वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कहा:
- नेता प्रतिपक्ष को मुद्दे उठाने से नहीं रोका जा सकता।
- BNSS, Section 223 के अनुसार, कोर्ट को अभियुक्त की पूर्व-श्रवण (prior hearing) का अवसर देना अनिवार्य था।
- ट्रायल कोर्ट ने बिना सुनवाई के संज्ञान लेकर समन जारी कर दिया—जो कानून के खिलाफ है।
🔹 शिकायत क्या कहती है?
शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि:
- राहुल गांधी ने चीन–भारत सीमा तनाव के संदर्भ में
भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। - यह बयान दिसंबर 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिया गया।
- मामला मानहानि (defamation) के अपराध का है।
राहुल गांधी के वकील ने कहा कि:
- शिकायत “स्पष्ट रूप से मनगढ़ंत” दिखती है,
- राहुल लखनऊ निवासी नहीं हैं,
- इसलिए ट्रायल कोर्ट को आरोपों की सत्यता की जांच करनी चाहिए थी,
- और समन केवल prima facie साक्ष्यों पर ही जारी होना चाहिए था।
🔹 क्या आगे होगा?
सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई करेगा।
तब तक:
- ट्रायल कोर्ट में कार्यवाही पर रोक रहेगी
- और राहुल गांधी को गिरफ्तारी/ट्रायल का खतरा नहीं रहेगा।
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