टेट्रा पैक में शराब बेहद खतरनाक: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, PIL के संकेत भी दिए

🍾⚖️ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “टेट्रा पैक में शराब बेहद खतरनाक—सरकार कैसे दे रही अनुमति?”

सुप्रीम कोर्ट ने टेट्रा पैक में शराब की बिक्री को “खतरनाक और भ्रमित करने वाला” बताते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बागची ने संभावित दुरुपयोग, खासकर छात्रों द्वारा, पर चिंता जताई और संकेत दिया कि इस मुद्दे पर दायर PIL पर कोर्ट विचार कर सकता है। मामला जॉन डिस्टिलरीज और एलाइड ब्लेंडर्स के ट्रेडमार्क विवाद से जुड़ा था।

टेट्रा पैक में शराब बेहद खतरनाक: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, PIL के संकेत भी दिए

— ब्रांड विवाद की सुनवाई में उभरा बड़ा जनस्वास्थ्य मुद्दा; कोर्ट ने संभावित जनहित याचिका पर भी संकेत दिए

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शराब की बिक्री के लिए टेट्रा पैक पैकेजिंग को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि यह पैकिंग “खतरनाक, भ्रमित करने वाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा खतरा” बन सकती है। अदालत ने सवाल उठाया कि आखिर सरकारें किस आधार पर ऐसी पैकिंग को अनुमति दे रही हैं, जबकि इसके दुरुपयोग की संभावनाएं व्यापक और चिंताजनक हैं।

यह टिप्पणी एक ट्रेडमार्क विवाद की सुनवाई के दौरान आई। मामला जॉन डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड (Original Choice Whisky) और एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड (Officer’s Choice Whisky) के बीच ब्रांडिंग को लेकर दायर विवाद से संबंधित था।


⚖️ “ये जूस के पैकेट हैं क्या?” — कोर्ट हैरान

सुनवाई के दौरान जॉन डिस्टिलरीज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दोनों कंपनियों के टेट्रा पैक कोर्ट में प्रस्तुत किए। पैकेजिंग में समानता दिखाते हुए रोहतगी ने अपनी दलील रखी।

ALSO READ -  राज्यपाल की योग्यता, नियुक्ति और संविधान प्रदत्त उसके अधिकार एवं कार्य-

पैकेट देखते ही जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने आश्चर्य व्यक्त किया—

“ये क्या है — जूस के पैकेट?”

रोहतगी ने बताया कि ये व्हिस्की के टेट्रा पैक हैं, और कर्नाटक में यह अत्यधिक लोकप्रिय हैं।

इस पर बेंच ने तीखी प्रतिक्रिया दी—

“यह बेहद खतरनाक है। छात्र इसे स्कूल या कॉलेज में ले जा सकते हैं, और माता-पिता को पता भी नहीं चलेगा।”


⚖️ “जीवन में पहली बार देखा है शराब का टेट्रा पैक” – जस्टिस सूर्यकांत

जस्टिस सूर्यकांत ने स्पष्ट टिप्पणी की—

“अपने जीवन में पहली बार टेट्रा पैक में शराब देखी है। सरकार इस तरह की चीज़ों की अनुमति कैसे दे सकती है?”

उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस मुद्दे पर जनहित याचिका (PIL) दायर करता है, तो कोर्ट इसे गंभीरता से देखना चाहेगा।


🚨 “राजस्व के लिए जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़” — जस्टिस बागची

जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सरकारों के रुख पर कड़ी टिप्पणी की—

“सरकारें राजस्व कमाने के लिए जनता के स्वास्थ्य के साथ व्यापार कर रही हैं। सोचिए, स्वास्थ्य पर कितना पैसा बर्बाद होता है, और राजस्व कहां जाता है।”

उनका संकेत इस तथ्य की ओर था कि सस्ता टेट्रा पैक युवाओं और किशोरों के बीच शराब की उपलब्धता को और आसान बनाता है।


⚖️ मध्यस्थता की ओर बढ़ा ट्रेडमार्क विवाद

टेट्रा पैक मुद्दे पर तीखी टिप्पणियों के बाद कोर्ट ने मूल वाणिज्यिक विवाद पर भी निर्देश दिए।

पीठ ने जस्टिस (सेवानिवृत्त) राव को मध्यस्थ नियुक्त करने का अनुरोध करते हुए कहा कि—

“मामले की तात्कालिकता को देखते हुए मध्यस्थ इसे प्राथमिकता पर लेकर जल्दी निपटाएं।”

इस प्रकार, ब्रांडिंग विवाद को मध्यस्थता की ओर भेजते हुए कोर्ट ने सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े बड़े प्रश्न को भी उठाया।

ALSO READ -  एक शादीसुदा पुरुष जो कमाने में सक्षम है, अपनी पत्नी और बच्चे के गुजारे भत्ते के लिए बाध्य है: HC

🔍 क्यों खतरनाक है शराब का टेट्रा पैक?

सुप्रीम कोर्ट के संकेत उसी बहस को आगे बढ़ाते हैं जिसे कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से उठा रहे हैं—

✔️ टेट्रा पैक जूस या दूध जैसा दिखता है

✔️ आसानी से बैग में छुपाया जा सकता है

✔️ नाबालिगों द्वारा दुरुपयोग की संभावना

✔️ माता-पिता व शिक्षकों को भ्रम

✔️ सस्ते दाम में व्यापक उपलब्धता

✔️ उच्च स्वास्थ्य जोखिम

अदालत की टिप्पणियों ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर की बहस की ज़रूरत को रेखांकित किया।


🏛️ क्या अब PIL की राह खुलेगी?

कोर्ट के शब्द —

“यदि कोई PIL दायर करता है तो हम इसकी जांच करेंगे।”
स्पष्ट संकेत है कि सर्वोच्च अदालत इस मुद्दे को केवल ब्रांड विवाद तक सीमित नहीं मानती बल्कि इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य, नाबालिग सुरक्षा और नीति-निर्माण से जुड़ा गंभीर मामला समझती है।

🏷️ Tags:

#SupremeCourt #TetraPackLiquor #PublicHealth #TrademarkDispute #JohnDistilleries #AlliedBlenders #AlcoholRegulation #LegalNewsHindi #JusticeSuryakant #StudentSafety

Leave a Comment