- वकील-पुलिस विवाद: दरोगा और सिपाहियों पर केस दर्ज करने की मांग, जजों को गाली देने का आरोप
- वाराणसी विवाद: वकीलों-जजों को गाली देने के मामले में पुलिसकर्मियों पर केस की अर्जी
- अधिवक्ता बनाम पुलिस टकराव: दरोगा-सिपाहियों पर मुकदमा दर्ज कराने की अपील
वाराणसी में अधिवक्ता-पुलिस विवाद गरमाया। अधिवक्ता राघवेंद्र नारायण दुबे ने एडीसीपी नीतू कात्यान, एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना, पुलिस अधिकारी नितिन तनेजा और थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्र समेत 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी दी। अगली सुनवाई 20 सितंबर 2025 को होगी।
अधिवक्ता बनाम दरोगा विवाद: एडीसीपी समेत कई पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की अर्जी, अगली सुनवाई 20 सितंबर
मामला क्या है?
वाराणसी में अधिवक्ता-पुलिस विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ता राघवेंद्र नारायण दुबे ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी दाखिल की।
अर्जी में एडीसीपी नीतू कात्यान, एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना, पुलिस अधिकारी नितिन तनेजा, थाना प्रभारी कैंट शिवाकांत मिश्र सहित 50 अज्ञात दरोगा और 50 अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ़ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
अधिवक्ता का आरोप
- 16 सितंबर 2025 की शाम 3 बजे कैंट थाना प्रभारी और कचहरी गेट नंबर-2 के चौकी प्रभारी अधिवक्ताओं से बदसलूकी कर रहे थे।
- वरिष्ठ अधिवक्ताओं को गालियां दी गईं और लाठी-डंडों से हमला किया गया।
- जब अधिवक्ता राघवेंद्र नारायण दुबे मौके पर पहुँचे तो देखा कि गेट पर ताला बंद कर दिया गया था।
- पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों पर ईंट-पत्थर फेंके गए।
- एडीसीपी नीतू कात्यान, एसीपी क्राइम विदुष सक्सेना, पुलिस अधिकारी नितिन तनेजा समेत कई अधिकारियों ने अपशब्द कहे।
कानूनी पहल
- अधिवक्ता ने यह प्रार्थनापत्र BNSS की धारा 173(4) के तहत दाखिल किया।
- 17 सितंबर को इस घटना की लिखित शिकायत पुलिस कमिश्नर को भी दी गई थी।
- कार्यवाही न होने पर अधिवक्ता ने अदालत की शरण ली।
कोर्ट की कार्यवाही
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अगली तारीख 20 सितंबर 2025 तय की है।
👉 यह मामला अब अधिवक्ताओं बनाम पुलिस प्रशासन के बीच टकराव की गंभीरता और न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता को उजागर करता है।
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