सबरीमला स्वर्ण चोरी मामला: केरल हाईकोर्ट ने SIT को मंगलवार को मंदिर परिसर का पुनः निरीक्षण करने का आदेश

केरल हाईकोर्ट ने सबरीमला स्वर्ण चोरी मामले में SIT को मंदिर परिसर का पुनः निरीक्षण करने का आदेश दिया। VSSC रिपोर्ट में सोने की मात्रा और शुद्धता में भारी कमी की पुष्टि हुई है।

उपशीर्षक:
VSSC की वैज्ञानिक रिपोर्ट में सोने की मात्रा और शुद्धता में भारी कमी की पुष्टि, 1998 में दान किए गए स्विस गोल्ड और 2019 में लौटाई गई परतों में गंभीर विसंगति


सबरीमला स्वर्ण चोरी मामला: केरल हाईकोर्ट ने SIT को मंगलवार को मंदिर परिसर का पुनः निरीक्षण करने का आदेश

एर्नाकुलम | केरल |

केरल उच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में कथित स्वर्ण चोरी से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) को मंगलवार को मंदिर परिसर का ताजा ऑन-साइट निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की खंडपीठ ने SIT द्वारा प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट पर विचार करते हुए पारित किया।

अदालत ने यह निर्देश विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) की वैज्ञानिक रिपोर्ट के अवलोकन के बाद जारी किए, जिसमें मंदिर की पवित्र संरचनाओं पर प्रयुक्त सोने की मात्रा और शुद्धता में उल्लेखनीय कमी की पुष्टि की गई है।


VSSC रिपोर्ट: सोने की परतों में गंभीर विसंगति

VSSC की रिपोर्ट के अनुसार, द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के द्वार फ्रेम सहित कई पवित्र संरचनाओं पर पाए गए सोने में गंभीर कमी दर्ज की गई है। वैज्ञानिक निष्कर्षों में यह स्पष्ट किया गया है कि:

  • 1998 में स्विट्ज़रलैंड से आयातित और UB ग्रुप द्वारा दान किया गया उच्च गुणवत्ता वाला सोना,
  • 2019 में री-प्लेटिंग के बाद लौटाई गई संरचनाओं पर पाए गए निम्न गुणवत्ता वाले सोने से मेल नहीं खाता।
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रिपोर्ट में दोनों के बीच स्पष्ट मिसमैच (clear mismatch) पाए जाने की बात कही गई है।


SIT का संदेह: केमिकल प्रक्रिया से सोना निकाला गया

SIT को आशंका है कि मूल स्वर्ण घटकों को रासायनिक प्रक्रिया (chemical extraction) के जरिए निकाला गया और उसके बाद उनकी जगह ताज़ा गोल्ड-प्लेटेड तांबे की प्रतिकृतियां स्थापित की गईं। अदालत ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए SIT को कई प्रमुख अधिकारियों के विस्तृत बयान दर्ज करने की भी अनुमति दी है।


CBI जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन

इस बीच, सामाजिक-धार्मिक संगठन सबरीमला कर्म समिति ने केरल सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर मामले की CBI जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस. जे. आर. कुमार ने सबरीमला और हिंदू धर्म को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए।

ANI से बातचीत में कुमार ने कहा:
“लोग सबरीमला और हिंदू धर्म को नष्ट करने पर तुले हुए हैं… देवस्वोम बोर्ड के मंदिर प्रबंधन को लेकर कई रिपोर्टें आ रही हैं… SIT केरल पुलिस द्वारा गठित है, इस जांच को CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।”


पूर्व TDB सदस्य की गिरफ्तारी और रिमांड

ये विरोध प्रदर्शन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (TDB) के पूर्व सदस्य के. पी. शंकरदास की गिरफ्तारी के बाद हुए। SIT द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें कोल्लम विजिलेंस कोर्ट के न्यायाधीश द्वारा रिमांड पर भेजा गया।

विशेष बात यह रही कि रिमांड आदेश तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में पारित किया गया, जहां शंकरदास वर्तमान में उपचाराधीन हैं।

शंकरदास, पूर्व TDB अध्यक्ष ए. पद्मकुमार के कार्यकाल के दौरान बोर्ड की प्रशासनिक समिति के सदस्य थे। पद्मकुमार को पहले ही इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी अवधि में लिए गए निर्णय कथित स्वर्ण गड़बड़ियों के केंद्र में हैं।

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मामले की पृष्ठभूमि

सबरीमला स्वर्ण चोरी मामला, लगभग 4.54 किलोग्राम सोने के कथित गबन से जुड़ा है। आरोप है कि यह सोना 2019 में मंदिर संरचनाओं की मरम्मत और पुनः स्वर्ण-मढ़ाई (re-gold plating) के नाम पर हटाया गया और फिर वापस नहीं लगाया गया। कथित चोरी में श्रीकोविल के द्वार फ्रेम और द्वारपालक मूर्तियां शामिल हैं।


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