SC ने कहा: मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को ‘काटकर अलग-अलग’ नहीं देखा जा सकता – CESTAT का आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने CESTAT अहमदाबाद का आदेश रद्द किया, यह कहते हुए कि ग्रे फैब्रिक से तैयार कॉटन फैब्रिक की पूरी प्रक्रिया एक निरंतर (continuous) और एकीकृत (integrated) मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया है। दोनों यूनिट मिलकर उत्पादन कर रही थीं, इसलिए ड्यूटी से बचने का दावा गलत। Court ने कहा– प्रक्रिया को हिस्सों में बांटकर देखना कानूनी त्रुटि।

SC ने कहा: मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को ‘काटकर अलग-अलग’ नहीं देखा जा सकता – CESTAT का आदेश रद्द | Integrated Manufacturing Process पर बड़ा फैसला


सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: दो यूनिट के बीच बंटी उत्पादन प्रक्रिया को ‘एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग’ मानकर CESTAT का आदेश किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने एक बेहद महत्वपूर्ण निर्णय में CESTAT अहमदाबाद का आदेश खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को कृत्रिम रूप से दो हिस्सों में विभाजित कर दिया, जो कानून के विरुद्ध है।

🔷 Court का स्पष्ट निष्कर्ष:

“CESTAT ने इस निरंतर उत्पादन प्रक्रिया को दो अलग-अलग गतिविधियों में बाँटकर गंभीर त्रुटि की… जबकि दोनों यूनिट्स मिलकर ग्रे फैब्रिक को कॉटन फैब्रिक में बदल रही थीं।”


🔹 मामले की पृष्ठभूमि

दो यूनिट—
Unit-1: Bhagyalaxmi Processor Industry
Unit-2: Famous Textile Packers

एक ही कंपाउंड में स्थित थे और ग्रे फैब्रिक को कॉटन फैब्रिक में बदलने की पूरी प्रक्रिया साझा रूप से चल रही थी।

Unit-1 में:

  • Mercerizing Machine
  • Bleaching Machinery
  • Bail Packing Machine (Electric Motor)

Unit-2 में:

  • Squeezing Machine (Electric Motor)
  • Stentering Machine (Oil Engine + Electric Powered Driers)

ATS की कार्रवाई में सामने आया कि:

  • दोनों यूनिट एक ही उत्पादन श्रृंखला का हिस्सा थीं
  • लेकिन टैक्स देनदारी से बचने हेतु रिकॉर्ड में ‘अलग-अलग यूनिट’ दिखाया जा रहा था
  • बिजली मीटर सहित कई संकेत बताते थे कि यह एक एकीकृत उत्पादन गतिविधि थी
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Commissioner ने दोनों यूनिट को संयुक्त रूप से excise duty, interest और penalty के लिए उत्तरदायी माना।
CESTAT ने इसे खारिज कर दिया।

Commissioner सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।


🔹 Supreme Court की अहम टिप्पणियाँ

✔️ 1. Manufacturing एक ‘continuous integrated process’ है

कोर्ट ने कहा:

  • ग्रे फैब्रिक → bleaching → mercerizing → squeezing → stentering → drying → packing
  • ये सभी प्रक्रियाएँ एक-दूसरे पर निर्भर और “integrally connected” हैं
  • इनमें से किसी एक प्रक्रिया के बिना अंतिम उत्पाद बन ही नहीं सकता

अतः यह एक एकीकृत निर्माण प्रक्रिया है।


✔️ 2. यूनिट अलग-अलग होना कोई मायने नहीं रखता

“Unit-1 और Unit-2 की भौतिक पृथकता अप्रासंगिक है, क्योंकि दोनों मिलकर एक ही अंतिम उत्पाद बना रही थीं।”


✔️ 3. CESTAT ने गलत तरीके से ‘identity separation’ पर जोर दिया

CESTAT ने कहा था कि:

  • दोनों यूनिट के नाम अलग
  • काम अलग
  • बिजली मीटर अलग

इसलिए उन्हें club नहीं किया जा सकता।

Supreme Court ने कहा यह गलत है, क्योंकि:

  • end product Unit-1 से ही निकल रहा था
  • Unit-2 की प्रक्रियाएं Unit-1 की primary processing का हिस्सा थीं
  • अंतिम उत्पाद दोनों यूनिट की संयुक्त गतिविधि से बन रहा था

✔️ 4. Steel Authority of India (SAIL) केस लागू नहीं

SAIL केस में परिस्थितियाँ अलग थीं।
यहाँ:

  • एक ही कंपाउंड
  • एकीकृत प्रोसेस
  • एक ही अंतिम उत्पाद
  • Unit-2 की प्रक्रिया Unit-1 की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा

इसलिए SAIL की मिसाल लागू नहीं।


🔹 Court का अंतिम निर्णय

🟥 CESTAT का आदेश रद्द

🟩 Commissioner का आदेश बहाल

यानी—

  • दोनों यूनिट क्लबbed मानी जाएँगी
  • Excise duty, interest और penalties जारी रहेंगी
  • पूरी प्रक्रिया एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के रूप में मानी जाएगी
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🟦 Case Title:

Commissioner of Customs, Central Excise & Service Tax, Rajkot v. Narsibhai Karamsibhai Gajera & Ors.


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