30 करोड़ कस्टम ड्यूटी चोरी केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को विदेश यात्रा की अनुमति दी, मौलिक अधिकार पर दिया जोर

Like to Share

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 30 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी चोरी के आरोपी को पेरिस में होने वाले इंटरनेशनल फर्नीचर फेयर में भाग लेने के लिए विदेश जाने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि लंबित जांच केवल आधार बनाकर मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

30 करोड़ कस्टम ड्यूटी चोरी केस: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को विदेश यात्रा की अनुमति दी, मौलिक अधिकार पर दिया जोर

न्यायमूर्ति एस.एम. मोडक ने कहा कि केवल लंबित जांच और अभियोजन का सामना कर रहे होने के आधार पर किसी आरोपी को विदेश यात्रा से नहीं रोका जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि “यात्रा करने का अधिकार” संविधान द्वारा संरक्षित मौलिक अधिकार है।

पृष्ठभूमि

मामला डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), मुंबई द्वारा दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोपी पर कस्टम्स एक्ट CUSTOM Act, 1962 की धारा 135(1)(a) और 135(1)(b) के तहत माल की गलत घोषणा और आयातित फर्नीचर का कम मूल्यांकन कर 30 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी चोरी का आरोप है।

ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को 2 अगस्त 2025 को शर्तों के साथ जमानत दी थी, जिसमें पासपोर्ट जमा करने और विदेश यात्रा के लिए अनुमति लेने की शर्त शामिल थी। बाद में ट्रायल कोर्ट ने डीआरआई की आपत्तियों के बावजूद आरोपी को पासपोर्ट लौटाते हुए यात्रा की अनुमति दे दी।

याचिका और दलीलें

डीआरआई ने ट्रायल कोर्ट Trail Court के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिकाकर्ता का कहना था कि आरोपी विदेश जाकर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। साथ ही, आरोपी की जमानत रद्द करने का आवेदन पहले से ट्रायल कोर्ट में लंबित है।

Must Read -  Shahjahanpur Court में फायरिंग, गोली लगने से वकील भूपेन्द्र सिंह की मौके पर ही मृत्यु-

वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि फर्नीचर फेयर की तारीखें निश्चित हैं और स्थगित नहीं की जा सकतीं, जबकि जमानत रद्द करने की सुनवाई 11 सितंबर को प्रस्तावित है, जो फेयर की समाप्ति के बाद है।

कोर्ट का निर्णय

अदालत ने माना कि जांच एजेंसी की चिंताओं को देखते हुए संतुलन साधना ज़रूरी है। इसलिए आरोपी को यह अतिरिक्त शर्त दी गई कि वह विदेश यात्रा के दौरान इस मामले से जुड़े किसी भी निर्यातक से संपर्क नहीं करेगा।

अदालत ने कहा कि केवल लंबित आपराधिक कार्यवाही या जांच आरोपी के मौलिक अधिकार पर रोक का आधार नहीं बन सकती। इस प्रकार, अदालत ने याचिका खारिज करते हुए आरोपी को विदेश यात्रा की अनुमति दी।

मामला: Sruti Vijaykumar v. Falgun Yogendra Shroff, Crl. W.P. No. 4670 of 2025, निर्णय दिनांक: 3-9-2025

Tags :
#BombayHighCourt #कस्टमड्यूटीचोरी #FundamentalRight #RightToTravel #CustomsAct1962 #InternationalFurnitureFair #DRIMumbai #LegalNews #FalgunYogendraShroff #BailConditions

Leave a Comment