🧾 गुजरात हाईकोर्ट में एक पति ने पत्नी की “अत्यधिक डॉग लव” को वैवाहिक क्रूरता बताते हुए तलाक की मांग की है। पति ने कहा कि पत्नी आवारा कुत्ते घर लाती थी, उनसे खाना बनवाती थी और एक कुत्ते ने उन्हें काट भी लिया। उन्होंने दावा किया कि इस तनाव से वे यौन दुर्बलता के शिकार हो गए। हाईकोर्ट 1 दिसंबर को मामले की सुनवाई करेगा।
🐾 पत्नी के डॉग लव से टूटी शादी: गुजरात हाईकोर्ट में पति की तलाक याचिका, कहा – “कुत्तों के कारण हुआ मानसिक आघात और यौन दुर्बलता”
📰 “पत्नी के डॉग लव से टूटी शादी: गुजरात हाईकोर्ट में पति ने मांगा तलाक, कहा- कुत्तों के कारण हुआ मानसिक और शारीरिक नुकसान”
गुजरात हाईकोर्ट में एक अजीबोगरीब तलाक केस चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें एक पति ने पत्नी के ‘डॉग लव’ को वैवाहिक क्रूरता (Cruelty under Hindu Marriage Act) का आधार बताते हुए तलाक की मांग की है।
पति का कहना है कि पत्नी का आवारा कुत्तों के प्रति अत्यधिक लगाव उनकी शादी को बर्बाद कर गया। उन्होंने अदालत में दावा किया कि उनकी पत्नी न केवल गली के कुत्तों को घर ले आई, बल्कि उनसे उनका खाना बनवाती और उनकी देखभाल करवाती थी।
🔹 2006 में शादी, 2008 में विवाद की शुरुआत
याचिकाकर्ता का विवाह साल 2006 में हुआ था, लेकिन कुछ ही समय बाद मतभेद शुरू हो गए। पति के मुताबिक, उनकी पत्नी ने सोसाइटी के प्रतिबंध के बावजूद आवारा कुत्ते घर लाना शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे कुत्तों की संख्या बढ़ती गई, और पति को उनके लिए खाना बनाने और उनकी देखभाल करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने अदालत में बताया कि जब उन्होंने कुत्तों को अपने बिस्तर से हटाने की कोशिश की, तो एक कुत्ते ने उन्हें काट लिया।
🔹 पड़ोसियों की शिकायत और पुलिस की दखल
पति के अनुसार, पड़ोसियों ने कुत्ते पालने को लेकर विरोध किया और 2008 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पत्नी ने एक एनिमल राइट्स ग्रुप जॉइन कर लिया और कथित रूप से पड़ोसियों के खिलाफ शिकायतें करने लगीं।
पति का आरोप है कि पत्नी बार-बार उन्हें पुलिस स्टेशन बुलाती थी, और जब वे इनकार करते, तो उन्हें अपमानित करती और गालियां देती।
🔹 ‘प्रैंक कॉल’ से हुआ अपमान
पति ने अपने बयान में कहा कि 1 अप्रैल 2007 को उनकी पत्नी ने एक प्रैंक कॉल करवाई, जिसमें एक रेडियो जॉकी ने उनके अफेयर का झूठा दावा करते हुए लाइव मजाक उड़ाया।
उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें ऑफिस और समाज दोनों जगह अपमान झेलना पड़ा। पति का आरोप है कि पत्नी के व्यवहार से उन्हें मानसिक तनाव, अवसाद और यौन दुर्बलता (erectile dysfunction) तक हो गई।
🔹 बेंगलुरु में भी पीछा नहीं छोड़ा: फोन और सोशल मीडिया से परेशान किया
पति ने कहा कि जब वे तनाव से बचने के लिए बेंगलुरु शिफ्ट हो गए, तब भी पत्नी ने उन्हें फोन कॉल्स और सोशल मीडिया संदेशों के जरिए परेशान किया।
उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी शादी “पूरी तरह से टूट चुकी है” और वे पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में ₹15 लाख देने को तैयार हैं। लेकिन पत्नी ने इसके बदले ₹2 करोड़ की मांग की है।
🔹 फैमिली कोर्ट ने याचिका खारिज की
इस मामले में पति ने 2017 में अहमदाबाद फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दायर की थी। हालांकि, फरवरी 2024 में कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।
फैमिली कोर्ट ने कहा कि पति यह साबित करने में नाकाम रहे कि पत्नी ने उनके साथ क्रूरता की या उन्हें छोड़ दिया। कोर्ट ने कहा कि “प्रैंक कॉल” जैसी घटना को तलाक का आधार नहीं माना जा सकता।
पत्नी ने अपने बचाव में कहा कि पति ने ही उन्हें एनिमल लव सिखाया, और अदालत में ऐसी तस्वीरें पेश कीं जिनमें पति खुद कुत्तों के साथ प्रेमपूर्वक समय बिताते दिखे।
🔹 हाईकोर्ट में अब 1 दिसंबर को सुनवाई
पति ने अब इस फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई के लिए 1 दिसंबर 2025 की तारीख तय की है।
यह मामला अब इस बात की कानूनी परीक्षा बनेगा कि पत्नी का ‘डॉग लव’ क्या वास्तव में वैवाहिक क्रूरता माना जा सकता है या यह केवल जीवनशैली का मतभेद है।
⚖️ निष्कर्ष
यह केस न केवल मानव संबंधों और पालतू जानवरों के प्रति प्रेम के बीच की सीमाओं पर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी तय करेगा कि “क्रूरता” की परिभाषा आधुनिक वैवाहिक संदर्भों में कितनी व्यापक हो सकती है।
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