उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव के दौरान लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में अव्यवस्था और हंगामे के बाद मतदान अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर न्यायमूर्ति ए.आर. मसूदी ने अगले आदेश तक चुनाव प्रक्रिया रोकने का फैसला किया।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव में हंगामा, लखनऊ हाईकोर्ट में मतदान अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दौरान मंगलवार को लखनऊ हाईकोर्ट परिसर में उत्पन्न अव्यवस्था और हंगामे के चलते मतदान को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह मतदान लखनऊ में 17 जिलों के अधिवक्ताओं के लिए कराया जा रहा था।

स्थिति के बिगड़ने पर रिटर्निंग ऑफिसर एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. आर. मसूदी ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदान को अगले आदेश तक रोकने का निर्णय लिया।
चुनाव के बीच बिगड़े हालात
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के इस चुनाव में कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान के लिए बड़ी संख्या में अधिवक्ता हाईकोर्ट परिसर पहुँचे थे, लेकिन—
- मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था
- लंबी लाइनें
- पहचान सत्यापन से जुड़े विवाद
के चलते माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया। बताया गया है कि इन मुद्दों को लेकर अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में हंगामे और नारेबाज़ी में बदल गई।
पूर्व-टिक लगे मतपत्र का आरोप, हंगामे की चिंगारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 4 बजे स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब एक अधिवक्ता ने मतदान के दौरान देखा कि—
प्रत्याशी के नाम के आगे पहले से ही टिक लगा हुआ है।

इस आरोप के सामने आते ही मतदान केंद्र पर जोरदार हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया तत्काल रोक दी गई। जबकि मतदान का समय शाम 5 बजे तक निर्धारित था, अव्यवस्था के चलते एक घंटा पहले ही मतदान पर विराम लगा दिया गया।
रिटर्निंग ऑफिसर का आदेश
हालात को नियंत्रण से बाहर जाता देख प्रशासन और चुनाव अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर न्यायमूर्ति ए. आर. मसूदी ने आदेश जारी करते हुए कहा कि—
“दिनांक 27 जनवरी 2026 को उच्च न्यायालय लखनऊ में संपन्न हो रहे बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने के कारण, अग्रिम आदेश तक चुनाव प्रक्रिया स्थगित की जाती है।”
अब नई मतदान तिथि की घोषणा रिटर्निंग ऑफिसर के अगले निर्देश के बाद ही की जाएगी।
अधिवक्ताओं और प्रत्याशियों में निराशा, लेकिन समर्थन भी
मतदान स्थगित होने से—
- प्रत्याशियों
- और मतदान के लिए आए अधिवक्ताओं
में निराशा देखी गई। हालांकि कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इसे आवश्यक और समयोचित कदम बताया। उनका कहना है कि—
“चुनाव की निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा सर्वोपरि है। अव्यवस्था की स्थिति में मतदान जारी रखना उचित नहीं होता।”
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चुनाव प्रक्रिया
चुनाव अधिकारी एवं बार काउंसिल के सचिव आर. के. शुक्ला ने बताया कि—
- पूरी चुनाव प्रक्रिया
- सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई-पावर इलेक्शन कमेटी
की निगरानी में कराई जा रही है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि—
- दो चरणों में
- प्रदेश भर में कुल 2,49,808 अधिवक्ता
अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
फिलहाल असमंजस की स्थिति
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चुनाव में हुए इस हंगामे के बाद चुनाव प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है और—
सभी की निगाहें अब रिटर्निंग ऑफिसर के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं।
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