दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के तहत खरीदारों को मिलने वाली सब्सिडी तुरंत जारी की जाए। अदालत ने कहा कि प्रक्रिया संबंधी बाधाओं का हवाला देकर भुगतान में देरी नहीं की जा सकती।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई, ईवी खरीदारों को सब्सिडी तुरंत जारी करने का आदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के तहत उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी तुरंत जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने साफ कहा कि “प्रक्रियात्मक अड़चनें भुगतान में देरी का बहाना नहीं हो सकतीं।”
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की कि सरकार के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हैं, लेकिन समय पर सब्सिडी जारी नहीं की गई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल इसलिए देरी नहीं की जा सकती क्योंकि नीति में सब्सिडी वितरण की समय-सीमा का उल्लेख नहीं है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि सब्सिडी वितरण के लिए एक अलग बैंक खाता खोला जाए और पात्र लाभार्थियों को बिना देरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
यह आदेश जन सेवा वेलफेयर सोसायटी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर आया। संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दिल्ली सरकार के खिलाफ रिट ऑफ मंडेमस की मांग की थी।
याचिका में कहा गया कि सब्सिडी वितरण में देरी से हजारों ईवी खरीदार प्रभावित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं ने नीति पर भरोसा कर वाहन खरीदे, लेकिन सरकार ने अब तक अपने वादे को पूरा नहीं किया, जिससे उपभोक्ता अधिकारों और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की नीति दोनों को नुकसान हो रहा है।
सोसायटी ने अदालत को बताया कि यह मामला उसने सार्वजनिक हित में उठाया है और उसे व्यक्तिगत तौर पर इससे कोई लाभ नहीं है। जानकारी आरटीआई के माध्यम से मिली, जिससे यह तथ्य सामने आया कि सब्सिडी जारी नहीं हुई है।
याचिकाकर्ता संगठन के अध्यक्ष अजय अग्रवाल और सचिव संजना गुप्ता ने कहा कि “सरकार के पास पर्याप्त फंड होने के बावजूद हजारों खरीदार महीनों से इंतजार कर रहे हैं।”
Tags:
#दिल्लीहाईकोर्ट #DelhiHighCourt #EVSubsidy #ElectricVehiclePolicy2020 #DelhiGovernment #कानूनीखबरें #PublicInterestLitigation #CleanMobility #SubsidyDelay #JanSevaWelfareSociety
