# Legal Today > Legal News in Hindi Law की ताज़ा ख़बर ## Posts - [सुप्रीम कोर्ट ने हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं पर जताई चिंता, दायरा बढ़ाकर पूरी श्रृंखला पर होगी सुनवाई](https://legaltoday.in/the-supreme-court-raised-the-concern-on-the-entire-series-by-increasing-concern-over-disasters-in-the-himalayan-region/): सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन व बाढ़ से हुई तबाही पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि यह मामला केवल हिमाचल तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र को कवर करेगा। आदेश 24 सितंबर को दिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हिमालयी क्षेत्र में आपदाओं पर जताई चिंता, दायरा बढ़ाकर पूरी श्रृंखला पर होगी सुनवाई नई दिल्ली, सोमवार। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हिमालयी राज्यों में लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं पर गहरी चिंता जताई। हाल ही में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और मूसलाधार बारिश से हुई भारी तबाही को देखते हुए ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन 2025 में 'यूज़र से वक्फ' खत्म करने पर रोक से किया इनकार](https://legaltoday.in/supreme-court-refuses-to-stop-the-users-from-ending-the-waqf-in-waqf-amendment-2025/): सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतरिम आदेश दिया। अदालत ने ‘वक्फ-बाय-यूज़र’ प्रावधान हटाने पर रोक से इनकार करते हुए कहा कि यह मनमाना नहीं है और इसका उद्देश्य सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण रोकना है। सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन 2025 में ‘यूज़र से वक्फ’ खत्म करने पर रोक से किया इनकार नई दिल्ली, सोमवार। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के उस प्रावधान पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके तहत ‘वक्फ-बाय-यूज़र’ की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है। अदालत ने कहा कि इस प्रावधान ... Read more - [पंजाब में नेशनल लोक अदालत: 4.5 लाख मामलों का निपटारा, न्याय सुलभ बनाने की बड़ी पहल](https://legaltoday.in/a-big-initiative-to-make-justice-accessible-of-4-lakh-cases-of-national-lok-adalat-4-lakh-cases-in-punjab/): पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने तीसरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन कर 4.5 लाख मामलों का निपटारा किया। 447 बेंचों में दीवानी, matrimonial, संपत्ति, वाहन दुर्घटना सहित कई विवाद सुलझाए गए। पंजाब में नेशनल लोक अदालत: 4.5 लाख मामलों का निपटारा, न्याय सुलभ बनाने की बड़ी पहल पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी ने शनिवार को राज्यभर में तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) का सफल आयोजन किया। इस दौरान कुल 4.50 लाख मामलों का निपटारा हुआ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मेम्बर सेक्रेटरी नवजोत कौर ने बताया कि यह मेगा आयोजन ... Read more - [अधिवक्ता परिषद का 34वां स्थापना दिवस, न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने युवा वकीलों को दी सीख](https://legaltoday.in/advocate-councils-34th-foundation-day-justice-subhash-vidyarthi-learned-to-young-lawyers/): लखनऊ उच्च न्यायालय की लखनऊ इकाई में अधिवक्ता परिषद का 34वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी समेत वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भाग लिया और युवा वकीलों को कोर्ट की मर्यादा व तैयारी पर मार्गदर्शन दिया। अधिवक्ता परिषद का 34वां स्थापना दिवस, न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने युवा वकीलों को दी सीख कार्यक्रम का आयोजन महामना सभागार, उच्च न्यायालय लखनऊ में अधिवक्ता परिषद अवध द्वारा अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद का 34वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी, विशिष्ट अतिथि श्री विपिन कुमार त्यागी (क्षेत्रीय संयोजक, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड), श्री ओ.पी. श्रीवास्तव (प्रदेश ... Read more - [वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर रोक संबंधी अंतरिम आदेश 15 सितंबर को सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट](https://legaltoday.in/the-interim-order-to-ban-waqf-amendment-act-2025-will-pronounce-supreme-court-on-15-september/): सुप्रीम कोर्ट 15 सितंबर को वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर अंतरिम राहत से जुड़ी याचिकाओं पर आदेश सुनाएगा। याचिकाकर्ताओं ने कानून को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी, जबकि केंद्र ने इसे केवल संपत्ति प्रबंधन से जुड़ा संशोधन बताया। वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर रोक संबंधी अंतरिम आदेश 15 सितंबर को सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट में क्या हो रहा है? सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर अंतरिम राहत देने से जुड़े आदेश को 15 सितंबर को सुनाने का ऐलान किया है। मुख्य न्यायाधीश डी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की ... Read more - [सोनिया गांधी के खिलाफ वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने पर दिल्ली कोर्ट में फैसला सुरक्षित](https://legaltoday.in/decision-in-delhi-court-secured-on-adding-names-to-voter-list-against-sonia-gandhi/): दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ 1980 में भारतीय नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के कथित फर्जीवाड़े पर दाखिल शिकायत पर आदेश सुरक्षित रखा है। शिकायतकर्ता ने FIR और जांच की मांग की। सोनिया गांधी के खिलाफ वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने पर दिल्ली कोर्ट में फैसला सुरक्षित मामला क्या है? दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत पर बुधवार को आदेश सुरक्षित रख लिया। आरोप है कि 1980 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: उपभोक्ता मंच नई दलील गढ़कर डॉक्टर पर लापरवाही का ठप्‍पा नहीं लगा सकते](https://legaltoday.in/supreme-court-consumer-forum-cannot-make-a-new-argument-to-the-doctors-negligence-on-the-doctor%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उपभोक्ता मंच शिकायत से परे जाकर नए आधार पर फैसला नहीं कर सकते। कोर्ट ने डॉक्टर और नर्सिंग होम पर लापरवाही के आरोप खारिज करते हुए NCDRC और SCDRC के आदेश रद्द कर दिए। सुप्रीम कोर्ट: उपभोक्ता मंच नई दलील गढ़कर डॉक्टर पर लापरवाही का ठप्‍पा नहीं लगा सकते नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2025 — सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें एक डॉक्टर को प्रसव-पूर्व देखभाल (Antenatal Care) में लापरवाह ठहराया गया था। अदालत ने कहा कि उपभोक्ता मंच अपनी ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: दिवालिया प्रोजेक्ट्स में फंसे होमबायर्स को मिलेगा कब्ज़ा](https://legaltoday.in/supreme-courts-big-decision-will-be-captured-by-homebeelers-trapped-in-bankrupt-projects/): सुप्रीम कोर्ट ने दिवालिया हो चुके हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में फंसे होमबायर्स को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने कहा कि सत्यापित दावे वाले खरीदार अपनी संपत्ति के कब्ज़े के हकदार हैं। यह फैसला होमबायर्स के अधिकारों की रक्षा करता है। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: दिवालिया प्रोजेक्ट्स में फंसे होमबायर्स को मिलेगा कब्ज़ा नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2025 — सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए घर खरीदारों (Homebuyers) को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर किसी होमबायर के दावे को रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) ने वित्तीय लेनदारों की सूची में स्वीकार कर लिया है, तो ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट में राहत की तलाश: वोडाफोन-आइडिया ने AGR डिमांड्स को लेकर दाखिल की याचिका](https://legaltoday.in/vodafone-idea-search-for-relief-in-supreme-court/): वोडाफोन-आइडिया ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर वित्त वर्ष 2016-17 तक की अतिरिक्त AGR डिमांड्स को अनुचित और मनमाना बताते हुए रद्द करने की मांग की है। कंपनी ने DoT से AGR देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्देश देने की अपील की है। सुप्रीम कोर्ट में राहत की तलाश: वोडाफोन-आइडिया ने AGR डिमांड्स को लेकर दाखिल की याचिका नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2025 — दूरसंचार कंपनी वोडाफोन-आइडिया ने अतिरिक्त एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) डिमांड्स से राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 तक की अवधि से जुड़ी AGR देनदारियां ... Read more - [मद्रास हाईकोर्ट: 2024 लोकसभा चुनाव में वोटर लिस्ट हेरफेर पर दायर PIL खारिज, याचिकाकर्ता पर ₹1 लाख जुर्माना](https://legaltoday.in/pil-rejected-petitioner-filed-on-voter-list-herfer-in-madras-high-court-2024-lok-sabha-elections-fined-%e2%82%b9-1-lakh/): मद्रास हाईकोर्ट ने 2024 लोकसभा चुनावों में वोटर लिस्ट हेरफेर के आरोपों पर दायर PIL को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता पर ₹1 लाख जुर्माना लगाया। यह मामला राहुल गांधी के “वोट चोरी” आरोपों के बाद उठा था। मद्रास हाईकोर्ट: 2024 लोकसभा चुनाव में वोटर लिस्ट हेरफेर पर दायर PIL खारिज, याचिकाकर्ता पर ₹1 लाख जुर्माना चेन्नई, 10 सितम्बर 2025 — मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2024 लोकसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में हेरफेर के आरोपों की जांच के लिए दायर जनहित याचिका (PIL) को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया। अदालत ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: भारत का संविधान लोकतंत्र की रीढ़, पड़ोसी देशों की स्थिति पर जताई चिंता](https://legaltoday.in/supreme-court-indias-constitution-expressed-concern-over-the-status-of-neighboring-countries-of-democracy/): सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति संदर्भ की सुनवाई के दौरान कहा कि भारत का संविधान लोकतंत्र की रीढ़ है। CJI गवई ने नेपाल और बांग्लादेश की अस्थिरता का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारतीय संविधान ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा है। सुप्रीम कोर्ट: भारत का संविधान लोकतंत्र की रीढ़, पड़ोसी देशों की स्थिति पर जताई चिंता नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2025 — भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को पड़ोसी देशों की मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारतीय संविधान ही वह मज़बूत आधार है जिसने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को निरंतर बनाए रखा है। मुख्य ... Read more - [मलयालम फिल्ममेकर सनल कुमार ससीधरन को कोच्चि पुलिस हिरासत से जमानत](https://legaltoday.in/malayalam-filmmaker-sanal-kumar-sasidharan-gets-bail-from-kochi-police-custody/): मलयालम फिल्म निर्देशक सनल कुमार ससीधरन को कोच्चि पुलिस हिरासत से जमानत मिली। लोकप्रिय अभिनेत्री की शिकायत पर स्टॉकिंग केस में मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें कोच्चि लाया गया। मलयालम फिल्म निर्देशक सनल कुमार ससीधरन को एक लोकप्रिय अभिनेत्री के कथित ऑनलाइन स्टॉकिंग और उत्पीड़न मामले में पुलिस हिरासत में लेने के बाद अदालत से जमानत Bail मिल गई है। मुंबई एयरपोर्ट से हिरासत, फिर कोच्चि लाए गए एलमक्कारा पुलिस (कोच्चि) ने सनल कुमार को मुंबई से अपनी हिरासत में लिया। उन्हें सोमवार को मुंबई साहार पुलिस ने दो सदस्यीय कोच्चि पुलिस दल को सौंपा। ... Read more - [सुजय कपूर की ₹30,000 करोड़ संपत्ति पर वारिसों का दावा: करिश्मा कपूर के बच्चों ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया](https://legaltoday.in/karishma-kapoors-children-knocked-on-the-door-of-delhi-high-court/): सुजय कपूर की ₹30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर विवाद गहराया। करिश्मा कपूर के बच्चों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सौतेली मां प्रिया कपूर पर वसीयत फर्जी करने का आरोप लगाया। दिवंगत उद्योगपति सुजय कपूर की लगभग ₹30,000 करोड़ की संपत्ति को लेकर हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई तेज हो गई है। करिश्मा कपूर से उनकी शादी से जन्मे दो बच्चों ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी “वैध हिस्सेदारी” की मांग की है। सौतेली मां पर गंभीर आरोप याचिका में आरोप लगाया गया है कि उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर (सुजय की तीसरी पत्नी) ने संपत्ति पर ... Read more - [उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान: नैनीताल दुर्गा साह पुस्तकालय नवीनीकरण में गड़बड़ी पर सख्त रुख](https://legaltoday.in/uttarakhand-high-court-took-cognizance-of-nainital-durga-sah-library-renewal/): उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल स्थित ऐतिहासिक दुर्गा साह पुस्तकालय के नवीनीकरण में हुई अनियमितताओं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और 14 अक्तूबर को अगली सुनवाई तय की। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान: नैनीताल दुर्गा साह पुस्तकालय नवीनीकरण में गड़बड़ी पर सख्त रुख उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऐतिहासिक दुर्गा साह नगर पालिका पुस्तकालय के नवीनीकरण में हुई अनियमितताओं और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग पर स्वतः संज्ञान लिया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव, शहरी विकास विभाग, जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल और ... Read more - [इलाहाबाद HC को मिले नए न्यायाधीश: केंद्र ने दो अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचना जारी की](https://legaltoday.in/the-new-judge-center-for-allahabad-hc-issued-the-appointment-notification-of-two-advocates/): केंद्र सरकार ने अधिवक्ता अमिताभ राय और राजीव लोचन शुक्ला को इलाहाबाद हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया। कॉलेजियम की 25 मार्च 2025 की सिफारिश पर यह नियुक्ति की गई है। इलाहाबाद HC को मिले नए न्यायाधीश: केंद्र ने दो अधिवक्ताओं की नियुक्ति अधिसूचना जारी की भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दो नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। कानून और न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग (नियुक्ति प्रभाग) द्वारा 6 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के अनुसार, अमिताभ कुमार राय और राजीव लोचन शुक्ला ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: मौत की सज़ा पर पुनर्विचार संभव, अनुच्छेद 32 के तहत नई सुनवाई का आदेश](https://legaltoday.in/supreme-court-ordered-new-hearing-under-article-32/): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 32 के तहत मौत की सज़ा पर पुनर्विचार संभव है। कोर्ट ने दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सज़ा निर्धारण के लिए Manoj बनाम मध्यप्रदेश (2023) में तय गाइडलाइंस के अनुसार नई सुनवाई का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट: मौत की सज़ा पर पुनर्विचार संभव, अनुच्छेद 32 के तहत नई सुनवाई का आदेश पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ – जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप मेहता – ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट मौत की सज़ा पर पुनर्विचार कर सकती है, भले ... Read more - [तिस हजारी कोर्ट: मध्यस्थ के आदेश में दखल से इंकार, सत्याॅम पॉलीनिट्स की अपील खारिज](https://legaltoday.in/tis-hazari-court-intermediary-refusal-to-interfere-in-the-appeal-of-satyam-polytens-rejected/): तिस हजारी कोर्ट ने धारा 37(2)(b) के तहत दायर सत्याॅम पॉलीनिट्स की अपील खारिज की। कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थ के आदेश में कोई त्रुटि या मनमानी नहीं है और न्यायिक हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। मामला Satyam Polyknits v. Excel Vinyl Coatings Pvt Ltd से संबंधित है। तिस हजारी कोर्ट: मध्यस्थ के आदेश में दखल से इंकार, सत्याॅम पॉलीनिट्स की अपील खारिज Legal Today Report: तिस हजारी कोर्ट ने Arbitration and Conciliation Act, 1996 की धारा 37(2)(b) के तहत दाखिल सत्याॅम पॉलीनिट्स की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मध्यस्थ (Arbitrator) द्वारा पारित आदेश में कोई ... Read more - ['ओडिशा HC का आदेश: सब-रजिस्ट्रार मौखिक रूप से दस्तावेज़ अस्वीकार नहीं कर सकता'](https://legaltoday.in/odisha-hc-order-sub-registrar-cannot-reject-the-document-verbally/): ओडिशा हाईकोर्ट ने कहा कि सब-रजिस्ट्रार मौखिक रूप से पंजीयन के लिए प्रस्तुत दस्तावेज़ अस्वीकार नहीं कर सकता। यदि दस्तावेज़ विधिसम्मत न हो तो लिखित कारणों सहित अस्वीकृति आदेश देना अनिवार्य है। मामला Amir Kumar Darjee v. District Sub-Registrar से जुड़ा है। ‘ओडिशा HC का आदेश: सब-रजिस्ट्रार मौखिक रूप से दस्तावेज़ अस्वीकार नहीं कर सकता‘ Legal Today Report: ओडिशा हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में स्पष्ट किया कि सब-रजिस्ट्रार मौखिक रूप से पंजीयन हेतु प्रस्तुत दस्तावेज़ को अस्वीकार नहीं कर सकता। अदालत ने कहा कि यदि दस्तावेज़ कानून के अनुरूप नहीं है, तो सब-रजिस्ट्रार को लिखित कारणों के साथ अस्वीकृति ... Read more - [SC ने लगाई रोक: राजस्थान HC द्वारा POCSO जज पर की गई सख्त टिप्पणियों पर स्टे](https://legaltoday.in/sc-banned-the-strict-comments-made-by-rajasthan-hc-on-pocso-judge/): सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, जिसमें POCSO कोर्ट की जज पर कठोर टिप्पणियां करते हुए ACR में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने और प्रशिक्षण हेतु मामला भेजने का निर्देश दिया गया था। मामला Sonika Purohit v. State of Rajasthan से जुड़ा है। SC ने लगाई रोक: राजस्थान HC द्वारा POCSO जज पर की गई सख्त टिप्पणियों पर स्टे सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें एक POCSO कोर्ट की महिला जज के खिलाफ कड़ी टिप्पणियां करते हुए उनके वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने और प्रशिक्षण ... Read more - ['SC सख्त: अग्रिम जमानत आदेश अपलोड न करने पर HC सचिव की स्टेनो बुक जब्त, जांच के आदेश'](https://legaltoday.in/hc-secretarys-steno-book-seized-order-for-not-uploading-sc-strict-anticipatory-bail-order/): सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत आदेश अपलोड न होने पर कड़ा कदम उठाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट सचिव की स्टेनो बुक जब्त करने और गुप्त जांच कराने का आदेश दिया। मामला Ajay Maini v. State of Haryana (SLP Criminal Diary No. 45855/2025) से जुड़ा है। ‘SC सख्त: अग्रिम जमानत आदेश अपलोड न करने पर HC सचिव की स्टेनो बुक जब्त, जांच के आदेश‘ सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका पर पारित आदेश को वेबसाइट पर अपलोड न करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट जज के सचिव की स्टेनो बुक जब्त करने के निर्देश ... Read more - [मद्रास HC ने पुलिस द्वारा वकीलों-छात्रों पर कथित हमले की जांच के लिए रिटायर्ड जज वी.पार्थिबन को वन-मैन कमीशन नियुक्त किया](https://legaltoday.in/madras-hc-appointed-retired-judge-v-parthiban-as-one-man-commission-to-investigate-alleged-attack-on-lawyers-by-police-by-police/): मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए वकीलों और लॉ छात्रों पर कथित हमले की जांच के लिए रिटायर्ड जज वी. पार्थिबन को वन-मैन कमीशन नियुक्त किया। कोर्ट ने कहा कि पुलिस स्वयं इस मामले की जांच नहीं कर सकती। मद्रास HC ने पुलिस द्वारा वकीलों-छात्रों पर कथित हमले की जांच के लिए रिटायर्ड जज वी.पार्थिबन को वन-मैन कमीशन नियुक्त किया मद्रास हाईकोर्ट ने वकीलों और लॉ स्टूडेंट्स पर पुलिस द्वारा कथित हमले और अवैध हिरासत के आरोपों की स्वतंत्र जांच के लिए अपने सेवानिवृत्त जज जस्टिस वी. पार्थिबन को वन-मैन कमीशन नियुक्त किया है। जस्टिस एम.एस. रमेश ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: ‘प्रक्रिया न्याय पर हावी नहीं हो सकती’, पटना हाईकोर्ट का आदेश पलटा, रेप और POCSO केस में दोषसिद्धि बहाल](https://legaltoday.in/supreme-court-procedure-cannot-dominate-justice/): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘प्रक्रिया न्याय पर हावी नहीं हो सकती’। पटना हाईकोर्ट का आदेश पलटते हुए रेप और POCSO केस में ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की सजा बहाल की। सुप्रीम कोर्ट: ‘प्रक्रिया न्याय पर हावी नहीं हो सकती’, पटना हाईकोर्ट का आदेश पलटा, रेप और POCSO केस में दोषसिद्धि बहाल सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रक्रिया न्याय पर नियंत्रण का साधन नहीं बन सकती और जब अभियोजन का मामला सुसंगत और विश्वसनीय हो, तो केवल प्रक्रियागत त्रुटियों के आधार पर दोषियों को बरी करना आपराधिक न्याय व्यवस्था की विफलता है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस ... Read more - [दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई, ईवी खरीदारों को सब्सिडी तुरंत जारी करने का आदेश](https://legaltoday.in/delhi-high-court-reprimanded-the-government-order-to-issue-subsidies-to-ev-buyers-immediately/): दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के तहत खरीदारों को मिलने वाली सब्सिडी तुरंत जारी की जाए। अदालत ने कहा कि प्रक्रिया संबंधी बाधाओं का हवाला देकर भुगतान में देरी नहीं की जा सकती। दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई, ईवी खरीदारों को सब्सिडी तुरंत जारी करने का आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के तहत उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी तुरंत जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने साफ कहा कि “प्रक्रियात्मक अड़चनें भुगतान में देरी का बहाना नहीं ... Read more - [इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, वाराणसी एमपी/एमएलए कोर्ट के आदेश को दी चुनौती](https://legaltoday.in/allahabad-high-court-reserves-decision-on-rahul-gandhis-plea-challenged-varanasi-mpmla-court-order/): इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है, जिसमें उन्होंने वाराणसी विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट के 21 जुलाई 2025 के आदेश को चुनौती दी है। मामला उनके अमेरिका दौरे पर दिए गए बयान से जुड़ा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, वाराणसी एमपी/एमएलए कोर्ट के आदेश को दी चुनौती इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। यह याचिका वाराणसी की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट के 21 जुलाई 2025 के आदेश के ... Read more - [इलाहाबाद हाई कोर्ट में 26 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश, 12 वकील और 14 न्यायिक अधिकारी शामिल](https://legaltoday.in/recommendation-of-appointment-of-26-new-judges-in-allahabad-high-court-included-12-lawyers-and-14-judicial-officers/): इलाहाबाद हाई कोर्ट में 26 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश, 12 वकील और 14 न्यायिक अधिकारी शामिल सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए 26 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की है। इसमें 12 अधिवक्ता और 14 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं। यह कदम न्यायपालिका की क्षमता को मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम का बड़ा फैसला COLLEGIUM NEWS। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 1 सितंबर 2025 को हुई बैठक में इलाहाबाद हाई कोर्ट में 26 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की है। कोलेजियम ने अपनी सिफारिश केंद्र सरकार को भेज ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को चेताया, आधार को नागरिकता का सबूत मानना गलत](https://legaltoday.in/supreme-court-warns-political-parties-to-consider-aadhaar-as-evidence-of-citizenship/): अदालत ने दो टूक कहा कि “लोकतंत्र को कमजोर करने वाले फर्जी मतदाताओं को बख्शा नहीं जाएगा और आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है।” 👉 सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को चेताया कि आधार को नागरिकता का सबूत मानना गलत सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को चेताया कि आधार को नागरिकता का सबूत मानना गलत है। अदालत ने कहा, आधार सिर्फ पहचान पत्र है, न कि मतदाता सूची या नागरिकता का प्रमाण। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजनीतिक दलों को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण पत्र मानने की कोशिश स्वीकार्य नहीं ... Read more - [दिल्ली हाई कोर्ट: गांव का तलाकनामा मान्य नहीं, हिंदू विवाह खत्म करने का तरीका केवल कोर्ट से तलाक](https://legaltoday.in/delhi-high-court-village-divorce-is-not-valid-the-way-of-ending-hindu-marriage-only-from-court/): 📌दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह केवल गांव या गवाहों के सामने लिखे गए तलाकनामा से समाप्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने CISF कॉन्स्टेबल की याचिका खारिज करते हुए दोहराया कि विवाह तोड़ने का वैध तरीका केवल अदालत से तलाक लेना है। 👉 दिल्ली हाई कोर्ट: गांव का तलाकनामा मान्य नहीं, हिंदू विवाह खत्म करने का तरीका केवल कोर्ट से तलाक Delhi High Court: Village divorce deed is not valid, only way to end Hindu marriage is divorce through court दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा कि हिंदू विवाह केवल गांव के समझौते या ... Read more - [चेक स्वयं एक भुगतान का वादा है, Contract Act के तहत समय-सीमा से बाहर ऋण को भी मान्य किया जा सकता है: SC](https://legaltoday.in/check-itself-is-a-promise-of-a-payment-the-loan-can-also-be-validated-by-the-time-limit-under-the-contract-act-sc/): 👉 चेक स्वयं एक भुगतान का वादा है, Contract Act के तहत समय-सीमा से बाहर ऋण को भी मान्य किया जा सकता है: SC Cheque itself is a promise to pay, out-of-time loan can also be validated under Contract Act: SC 📌सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में ऋण समय-सीमा से बाहर है या नहीं, यह साक्ष्यों से तय होगा। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का आदेश पलटते हुए कोर्ट ने माना कि शिकायत समय पर दायर हुई थी और चेक मान्य अवधि में जारी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आपराधिक अपील में आंध्र प्रदेश हाई ... Read more - [जिम में महिलाओं की सुरक्षा पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, मेरठ केस में जताई चिंता](https://legaltoday.in/allahabad-high-court-expressed-concern-in-the-strict-meerut-case-on-the-safety-of-women-in-gym/): इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिमों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर चिंता जताई है। मेरठ के एक जिम ट्रेनर पर महिला क्लाइंट को गाली देने और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। कोर्ट ने जांच अधिकारी से जिम के पंजीकरण और महिला ट्रेनर्स की उपलब्धता पर रिपोर्ट मांगी है। 👉 जिम में महिलाओं की सुरक्षा पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, मेरठ केस में जताई चिंता Allahabad High Court strict on safety of women in gym, expressed concern in Meerut case इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिम में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। न्यायमूर्ति ... Read more - [चेक बाउंस मामलों में FIR दर्ज करना अवैध: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी](https://legaltoday.in/illegal-high-court-comment-to-register-fir-in-check-bounce-cases/): इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि चेक बाउंस मामलों में FIR दर्ज करना पूरी तरह अवैध है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल सक्षम अधिकारी की शिकायत पर ही मजिस्ट्रेट कार्रवाई कर सकते हैं। चेक बाउंस मामलों में FIR दर्ज करना अवैध: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी Filing FIR in cheque bounce cases is illegal: High Court’s strong comment चेक बाउंस मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने परक्राम्य विलेख अधिनियम, 1881 की धारा 138 (चेक बाउंस) NI Act Sec 138 से जुड़े मामलों में FIR दर्ज करने की पुलिस की कार्रवाई को अवैध करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल ... Read more - [इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान की](https://legaltoday.in/allahabad-high-court-provided-personal-protection-to-petitioner-challenging-rahul-gandhis-citizenship/): इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता के खिलाफ मामला दर्ज करने वाले एस. विग्नेश शिशिर को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) से Y-Plus श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। Allahabad High Court grants personal security to petitioner challenging Rahul Gandhi’s citizenship इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता चुनौती देने वाले याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत सुरक्षा प्रदान की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर निर्णय देते हुए उन्हें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) से Y-Plus श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की। शिशिर ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के खिलाफ अपनी शिकायतों को लेकर उन्हें ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दोषी नहीं, हत्या और दुष्कर्म मामले में मौत की सजा प्राप्त दोषी बरी](https://legaltoday.in/supreme-courts-historic-verdict-not-convicted-murder-and-death-sentence-acquitted/): सुप्रीम कोर्ट ने 2012 के लखनऊ दुष्कर्म और हत्या मामले में दो दोषियों को बरी कर दिया, जिसमें एक को मौत की सजा दी गई थी। कोर्ट ने कमजोर जांच और प्रक्रियात्मक चूक पर कड़ी टिप्पणियां कीं। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दोषी नहीं, हत्या और दुष्कर्म मामले में मौत की सजा प्राप्त दोषी बरी Supreme Court’s historic verdict: Not guilty, death row convict in murder and rape case acquitted सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: दोषी नहीं, हत्या और दुष्कर्म मामले में मौत की सजा प्राप्त दोषी बरी सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में लखनऊ के 2012 के दुष्कर्म ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सास पर दहेज उत्पीड़न का आरोप गलत, पड़ोसी की गवाही निर्णायक](https://legaltoday.in/supreme-court-verdict-accused-of-dowry-harassment/): सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न मामले में सास को बरी किया। पड़ोसी की गवाही को महत्व देते हुए अदालत ने कहा कि दहेज का कोई प्रमाण नहीं था। जानिए इस अहम फैसले के बारे में। Supreme Court’s decision: Allegation of dowry harassment on mother-in-law is wrong, neighbour’s testimony is decisive सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय: सास पर दहेज उत्पीड़न का आरोप गलत, पड़ोसी की गवाही निर्णायक सुप्रीम कोर्ट ने भस्मता भगवती देवी बनाम राज्य उत्तराखंड मामले में 2025 में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें सास को दहेज उत्पीड़न के आरोप से बरी किया गया। कोर्ट ने पाया कि दहेज की ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का फैसला: दस्तावेज़ में बदलाव स्पष्ट हो तो विशेषज्ञ की राय की आवश्यकता नहीं](https://legaltoday.in/if-the-supreme-courts-decision-in-the-decision-document-is-clear-there-is-no-need-for-the-opinion-of-the-expert/): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से बदलाव दिख रहे हों तो अदालत को विशेषज्ञ की राय लेने की आवश्यकता नहीं है। 1984 के बिक्री समझौते में हुई फेरबदल को लेकर यह अहम फैसला लिया गया है। Supreme Court’s decision: If the change in the document is clear, then expert opinion is not required सुप्रीम कोर्ट का फैसला: दस्तावेज़ में बदलाव स्पष्ट हो तो विशेषज्ञ की राय की आवश्यकता नहीं सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त 2025 को यह स्पष्ट किया कि यदि दस्तावेज़ पर बदलाव या फेरबदल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हों, तो अदालत ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बिहार चुनावी सूची से बाहर हुए मतदाता ऑनलाइन दे सकेंगे आवेदन](https://legaltoday.in/supreme-court-order-will-be-able-to-apply-online-voters-out-of-bihar-election-list/): सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बिहार चुनावी सूची से बाहर हुए मतदाता ऑनलाइन दे सकेंगे आवेदन Big order of Supreme Court: Voters left out of Bihar electoral list will be able to apply online सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची से बाहर हुए 65 लाख लोगों को राहत देते हुए कहा कि वे अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फॉर्म की फिजिकल कॉपी जमा करना अनिवार्य नहीं होगा। BLAs को मतदाताओं की मदद करने का निर्देश। बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अहम आदेश दिया। अदालत ने कहा कि ... Read more - [थाई अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री तक्सिन शिनावात्रा के खिलाफ राजद्रोह मामला साक्ष्य के अभाव में किया खारिज](https://legaltoday.in/thai-court-rejected-the-sedition-case-against-former-prime-minister-taksin-shinavatra-for-lack-of-evidence/): थाई अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री तक्सिन शिनावात्रा के खिलाफ राजद्रोह मामला साक्ष्य के अभाव में किया खारिज Thai court dismisses treason case against former PM Thaksin Shinawatra due to lack of evidence थाईलैंड की अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री तक्सिन शिनावात्रा के खिलाफ राजद्रोह मामला सबूतों की कमी के कारण खारिज किया। अदालत के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया, जबकि तक्सिन और उनकी बेटी प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न अभी भी अन्य कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। थाईलैंड की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री तक्सिन शिनावात्रा (76) के खिलाफ दर्ज हाई-प्रोफाइल राजद्रोह (Lèse-Majesté) मामला साक्ष्य की कमी के कारण खारिज कर दिया। ... Read more - [दिल्ली सरकार की अधिसूचना पर आपत्ति: वरिष्ठ अधिवक्ता विकास वर्मा ने की UPSC भर्ती प्रक्रिया की मांग](https://legaltoday.in/senior-advocate-vikas-verma-objected-to-delhi-governments-notification-demands-upsc-recruitment-process/): दिल्ली सरकार की अधिसूचना पर आपत्ति: वरिष्ठ अधिवक्ता विकास वर्मा ने की UPSC भर्ती प्रक्रिया की मांग Objection to Delhi government’s notification: Senior advocate Vikas Verma demands UPSC recruitment process वरिष्ठ अधिवक्ता विकास वर्मा ने दिल्ली सरकार की सेवानिवृत्त अभियोजकों की अनुबंध नियुक्ति वाली अधिसूचना को असंवैधानिक बताते हुए उसकी तत्काल वापसी और भर्ती प्रक्रिया केवल UPSC के माध्यम से करने की मांग की। नई दिल्ली, 22 अगस्त 2025 — वरिष्ठ अधिवक्ता विकास वर्मा ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार की हालिया भर्ती अधिसूचना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह अधिसूचना, जो GNCTD के अभियोजन निदेशालय द्वारा जारी की गई ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: 'न्यायिक सक्रियता बनी रहे, लेकिन यह न्यायिक आतंकवाद या रोमांचकता में न बदले' — CJI BR गवई](https://legaltoday.in/the-supreme-court-remained-judicial-activism-but-it-does-not-change-in-judicial-terrorism-or-thrill-cji-br-gawai/): सुप्रीम कोर्ट: ‘न्यायिक सक्रियता बनी रहे, लेकिन यह न्यायिक आतंकवाद या रोमांचकता में न बदले’ — CJI BR गवई Supreme Court: ‘Judicial activism should continue, but it should not turn into judicial terrorism or thrill-seeking’ — CJI BR Gavai सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) बनी रहनी चाहिए, लेकिन यह न्यायिक आतंकवाद या रोमांचकता में न बदले। राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा गवर्नर और राष्ट्रपति की बिलों पर समयसीमा को लेकर राय मांगने पर सुनवाई के दौरान CJI गवई ने यह अहम टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दाखिल विशेष संदर्भ (Special Reference) की सुनवाई के ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: गैर-प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव पर आरोपी को जमानत, 5.5 साल से लंबित ट्रायल पर चिंता](https://legaltoday.in/supreme-court-concerns-the-accused-on-the-involvement-of-a-non-restricted-organization-concern-on-trial-pending-for-5-years/): सुप्रीम कोर्ट: गैर-प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव पर आरोपी को जमानत, 5.5 साल से लंबित ट्रायल पर चिंता Supreme Court: Bail granted to accused for his association with non-banned organisation, concern over trial pending for 5.5 years सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गैर-प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव मात्र अपराध नहीं है और इसी आधार पर आरोपी सलीम खान की जमानत बरकरार रखी। अदालत ने मोहम्मद ज़ैद की जमानत याचिका खारिज की और 5.5 साल से लंबित ट्रायल दो साल में पूरा करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए आरोपी सलीम खान को दी गई ... Read more - [दिल्ली बार एसोसिएशनों का बड़ा ऐलान: 22-23 अगस्त को हड़ताल, एलजी के आदेश के खिलाफ विरोध](https://legaltoday.in/big-announcement-of-delhi-bar-association-protest-against-the-order-of-strike-lg-on-22-august/): दिल्ली बार एसोसिएशनों का बड़ा ऐलान: 22-23 अगस्त को हड़ताल, एलजी के आदेश के खिलाफ विरोध Big announcement of Delhi Bar Associations: Strike on 22-23 August, protest against LG’s order दिल्ली बार एसोसिएशनों ने एलजी के आदेश के खिलाफ 22-23 अगस्त को दो दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया। आदेश से पुलिस थानों में गवाही दर्ज करने की व्यवस्था होगी, जिसे वकीलों ने न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। दिल्ली की सभी जिला बार एसोसिएशनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने ऐलान किया है कि 22 और 23 अगस्त को सभी जिला अदालतों में वकील काम से पूर्णत: विरत रहेंगे। यह कदम दिल्ली ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: पति-पत्नी की गुप्त फोन रिकॉर्डिंग वैवाहिक विवादों में सबूत के रूप में मान्य](https://legaltoday.in/supreme-court-husband-wifes-secret-phone-recording-valid-as-evidence-in-marital-disputes/): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी की गुप्त फोन रिकॉर्डिंग वैवाहिक विवादों में सबूत के रूप में मान्य होगी। हाईकोर्ट का आदेश रद्द, धारा 122 साक्ष्य अधिनियम में अपवाद लागू। सुप्रीम कोर्ट: पति-पत्नी की गुप्त फोन रिकॉर्डिंग वैवाहिक विवादों में सबूत के रूप में मान्य Supreme Court: Secret phone recordings of husband and wife valid as evidence in marital disputes सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि पति-पत्नी के बीच गुप्त रूप से रिकॉर्ड की गई टेलीफोन बातचीत को वैवाहिक विवादों में सबूत (Evidence) के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट: लोन न चुकाने पर बनती है सिविल देनदारी, धोखाधड़ी नहीं](https://legaltoday.in/civil-liability-is-not-fraudulent-if-supreme-court-does-not-pay-loan/): सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोन न चुकाने पर केवल सिविल देनदारी बनती है, इसे धोखाधड़ी (धारा 405 IPC) नहीं माना जा सकता। Hero Fincorp मामले में हाईकोर्ट का आदेश रद्द। सुप्रीम कोर्ट: लोन न चुकाने पर बनती है सिविल देनदारी, धोखाधड़ी नहीं Supreme Court: Non-payment of loan is a civil liability, not fraud सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि ऋणदाता और उधारकर्ता के बीच संबंध (debtor-creditor relationship) केवल सिविल देनदारी को जन्म देता है। यदि तय शर्तों के अनुसार रकम वापस नहीं की जाती, तो यह सामान्यत: धारा 405 IPC (Criminal Breach of Trust) के तहत अपराध ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की सिफारिश: गुवाहाटी हाईकोर्ट में दो स्थायी जज, एक का कार्यकाल बढ़ा](https://legaltoday.in/supreme-court-collegium-recommendation-increased-tenure-of-two-permanent-judges-in-guwahati-high-court/): सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 19 अगस्त 2025 को गुवाहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस बुदि हाबुंग और जस्टिस एन. उन्नी कृष्णन नायर को स्थायी जज नियुक्त करने की सिफारिश की। जस्टिस कौशिक गोस्वामी का कार्यकाल 1 साल और बढ़ाया। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की सिफारिश: गुवाहाटी हाईकोर्ट में दो स्थायी जज, एक का कार्यकाल बढ़ा Supreme Court Collegium’s recommendation: Two permanent judges in Guwahati High Court, one’s tenure extended सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने 19 अगस्त को हुई बैठक में गुवाहाटी हाईकोर्ट के दो अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश को मंजूरी दी। कोलेजियम ने जारी बयान में कहा कि जस्टिस ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 14 वकीलों की नियुक्ति की सिफारिश की](https://legaltoday.in/supreme-court-collegium-recommended-appointment-of-14-lawyers-in-high-court/): सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 अधिवक्ताओं को बॉम्बे हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की, जिनमें मुख्य लोक अभियोजक और बार एसोसिएशन सचिव भी शामिल। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 14 वकीलों की नियुक्ति की सिफारिश की Supreme Court Collegium recommends appointment of 14 lawyers in High Court सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए 14 अधिवक्ताओं के नामों की सिफारिश की। यह सिफारिशें दो अलग-अलग प्रस्तावों के माध्यम से की गईं। पहले प्रस्ताव में जिन आठ अधिवक्ताओं के नाम शामिल हैं, वे इस प्रकार हैं – दूसरे प्रस्ताव में छह ... Read more - [कर्नाटक हाईकोर्ट: महिला भी पॉक्सो कानून के तहत अपराध की दोषी ठहराई जा सकती है, अधिनियम है जेंडर न्यूट्रल](https://legaltoday.in/karnataka-high-court-women-can-also-be-convicted-of-an-offense-under-the-poxo-act-act-is-gender-neutral/): कर्नाटक हाईकोर्ट: महिला भी पॉक्सो कानून के तहत अपराध की दोषी ठहराई जा सकती है, अधिनियम है जेंडर न्यूट्रल Karnataka High Court: Women can also be convicted of crimes under POCSO Act, the Act is gender neutral कर्नाटक हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि पॉक्सो कानून (POCSO Act) पूरी तरह जेंडर न्यूट्रल है और महिला भी इसके तहत अभियुक्त बन सकती है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस अधिनियम का उद्देश्य लिंग भेद से परे सभी नाबालिगों को संरक्षण देना है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने आर्चना पाटिल बनाम राज्य कर्नाटक (Criminal Petition No.12777/2024, निर्णय ... Read more - [तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई स्थायी भरण-पोषण राशि, ₹50 लाख एकमुश्त अलॉट](https://legaltoday.in/supreme-court-increased-permanent-maintenance-amount-%e2%82%b9-50-lakh-lump-sum-allot-in-divorce-case/): Supreme Court increases permanent maintenance amount in divorce case, allots ₹50 lakh lump sum तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ाई स्थायी भरण-पोषण राशि, ₹50 लाख एकमुश्त अलॉट सुप्रीम कोर्ट ने तलाक मामले में पत्नी की स्थायी भरण-पोषण राशि ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख एकमुश्त तय की। कोर्ट ने पति की क्षमता और पत्नी की योग्यता को ध्यान में रखा। सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के एक मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए पत्नी को दी जाने वाली स्थायी भरण-पोषण राशि को ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख एकमुश्त कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पत्नी भले ... Read more - [POCSO Act पर सुप्रीम कोर्ट: ‘प्रेम संबंध’ और ‘बलात्कार’ मामलों में अंतर जरूरी](https://legaltoday.in/difference-in-supreme-court-love-affair-and-rape-cases-on-pocso-act-required/): POCSO Act पर सुप्रीम कोर्ट: ‘प्रेम संबंध’ और ‘बलात्कार’ मामलों में अंतर जरूरी Supreme Court on POCSO Act: It is important to differentiate between ‘love affair’ and ‘rape’ cases सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पॉक्सो मामलों में बलात्कार और किशोर प्रेम संबंधों में फर्क जरूरी है। सहमति की आयु घटाने पर अगली सुनवाई 26 अगस्त को। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों और वयस्कता की दहलीज पर खड़े किशोरों के वास्तविक प्रेम संबंधों के मामलों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ... Read more - [अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक संभव: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला](https://legaltoday.in/supreme-courts-historic-decision-in-incurablely-broken-marriage-under-article-142/): सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक की अनुमति दी। संविधान पीठ का यह फैसला तलाक कानून में ऐतिहासिक बदलाव है। Divorce possible in irretrievably broken marriage under Article 142: Supreme Court’s historic decision अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक संभव: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक खंडपीठ ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का सर्वोच्च न्यायालय संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का प्रयोग करते हुए, यदि विवाह असाध्य रूप से टूट चुका हो (Irretrievable Breakdown of ... Read more - [रजिस्टर्ड वसीयत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: प्रामाणिकता की धारणा, चुनौती देने वाले पर सबूत का भार](https://legaltoday.in/supreme-courts-major-verdict-on-the-registered-will/): Supreme Court’s big decision on registered will: Presumption of authenticity, burden of proof on challenger रजिस्टर्ड वसीयत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: प्रामाणिकता की धारणा, चुनौती देने वाले पर सबूत का भार सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसले में दोहराया कि रजिस्टर्ड वसीयत (Registered Will) के उचित निष्पादन और प्रामाणिकता की धारणा (Presumption of Validity) होती है और इसकी वैधता को चुनौती देने वाले पक्ष पर सबूत पेश करने का दायित्व होता है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए निचली अदालत का फैसला बहाल कर ... Read more - [Supreme Court का बड़ा फैसला: 16 साल की मुस्लिम लड़की की शादी वैध, NCPCR की याचिका खारिज](https://legaltoday.in/supreme-courts-big-decision-of-16-year-old-muslim-girl-marriage-of-a-legitimate-ncpcr/): Supreme Court का बड़ा फैसला: 16 साल की मुस्लिम लड़की की शादी वैध, NCPCR की याचिका खारिज Supreme Court’s big decision: Marriage of 16-year-old Muslim girl is valid, NCPCR’s petition rejected सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल की मुस्लिम लड़की की शादी को मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध माना। जानें पूरा मामला, हाई कोर्ट और NCPCR विवाद। नई दिल्ली | लीगल डेस्क — सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि 16 साल की मुस्लिम लड़की मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी कर सकती है। अदालत ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के 2022 के आदेश में दखल ... Read more - [गैरकानूनी प्रवास और उग्रवाद पर सवाल उठाना दुश्मनी फैलाना नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट](https://legaltoday.in/questioning-illegal-migration-and-extremism-is-not-to-spread-enmity-guwahati-high-court/): गैरकानूनी प्रवास और उग्रवाद पर सवाल उठाना दुश्मनी फैलाना नहीं: गुवाहाटी हाईकोर्ट Questioning illegal migration, militancy is not inciting enmity: Guwahati High Court गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पत्रकार कोंकन बोरठाकुर के खिलाफ 2016 की FIR को खारिज करते हुए कहा कि अवैध प्रवास, धार्मिक कट्टरवाद और उग्रवाद पर सवाल उठाना दुश्मनी फैलाने या हिंसा भड़काने के बराबर नहीं है। यह फैसला पत्रकारिता की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकार को मजबूत करता है। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि पत्रकार द्वारा अवैध प्रवास, धार्मिक कट्टरवाद, उग्रवादी गतिविधियों और स्वदेशी लोगों पर जनसांख्यिकीय खतरे जैसे मुद्दों को उठाना ... Read more - [15 साल बाद सुप्रीम कोर्ट का इंसाफ: पत्नी की जद्दोजहद से दिवंगत पति को मिली भ्रष्टाचार मामले में बरी](https://legaltoday.in/after-15-years-the-supreme-courts-justice-acquitted-in-the-corruption-case-of-the-late-husband-due-to-his-wifes-struggle/): सुप्रीम कोर्ट ने 15 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मिनी के दिवंगत पति मोहनचंद्रन एन.के. को भ्रष्टाचार के आरोपों से मरणोपरांत बरी किया। अदालत ने कहा, रिश्वत की मांग साबित नहीं हुई थी। After 15 years of legal battle, the Supreme Court acquitted late Mohanchandran N.K. in a corruption case posthumously, ruling that no bribe demand was proven. His wife Mini’s fight for justice finally succeeded. इंसाफ की लंबी लड़ाई इंसाफ पाने के लिए एक पत्नी की 15 साल लंबी जद्दोजहद आखिरकार सफल रही। सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मिनी के दिवंगत पति ... Read more - [सागर धनखड़ हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार की जमानत रद्द की, एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश](https://legaltoday.in/sagar-dhankhar-murder-case-supreme-court-canceled-sushil-kumars-bail-order-in-a-week/): Sagar Dhankhar murder case: Supreme Court cancels bail of Sushil Kumar, orders surrender in a week सागर धनखड़ हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार की जमानत रद्द की, एक हफ्ते में सरेंडर का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में आरोपी ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने सुशील कुमार को एक हफ्ते के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। यह आदेश मृतक सागर धनखड़ के पिता अशोक धनखड़ की याचिका पर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा ... Read more - [बिहार SIR में दस्तावेज़ सूची 7 से बढ़ाकर 11: सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘मतदाता-हितैषी’, विपक्ष ने बताया ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’](https://legaltoday.in/document-list-in-bihar-sir-increased-from-7-to-11-supreme-court-said-voter-friendly-opposition-said-house-of-cards/): Bihar SIR document list increased from 7 to 11: Supreme Court says ‘voter-friendly’, opposition calls it ‘house of cards’ बिहार SIR में दस्तावेज़ सूची 7 से बढ़ाकर 11: सुप्रीम कोर्ट ने कहा ‘मतदाता-हितैषी’, विपक्ष ने बताया ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत नागरिकता साबित करने के लिए स्वीकार्य दस्तावेज़ों की संख्या 7 से बढ़ाकर 11 करने के चुनाव आयोग (ECI) के निर्णय पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा—“सिर्फ एक दस्तावेज़ मांगना मतदाता-विरोधी होगा, लेकिन विकल्प बढ़ाना मतदाताओं के ... Read more - [बिहार SIR विवाद: सुप्रीम कोर्ट में ECI का तेज़ पलटवार, अदालत ने उठाए भरोसे के संकट पर सवाल](https://legaltoday.in/bihar-sir-dispute-ecis-fast-retaliation-in-supreme-court-questioned-the-trust-crisis/): बिहार SIR विवाद: सुप्रीम कोर्ट में ECI का तेज़ पलटवार, अदालत ने उठाए भरोसे के संकट पर सवाल नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को बिहार विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पर हुई सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग (ECI) और याचिकाकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। मुख्य मुद्दा—क्या यह मतदाता सूची की शुद्धता के लिए वैध प्रक्रिया है या मताधिकार को सीमित करने का प्रयास? न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले में “trust deficit” (भरोसे का संकट) साफ दिखाई देता है, जिसे हल करना ज़रूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया ... Read more - [टाइपिंग गलती से मिली जमानत, हाईकोर्ट ने आदेश वापस लिया](https://legaltoday.in/bail-high-court-withdrew-order-received-by-typing-mistake/): मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सुधारात्मक कदम —टाइपोग्राफिकल त्रुटि से मिली जमानत, आदेश रद्द टाइपिंग गलती से मिली जमानत, हाईकोर्ट ने आदेश वापस लिया Bail granted due to typing mistake, High Court withdraws order मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक आरोपी को मिली जमानत का आदेश वापस ले लिया, जिसे न्यायालय के अनुसार टाइपोग्राफिकल त्रुटि Typographical Error के कारण मंजूरी दे दी गई थी, जबकि वास्तविक रूप से उसकी याचिका खारिज होनी चाहिए थी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1), 296, 115(2), 351(3), 3(5) के तहत दर्ज गंभीर अपराध के ... Read more - [आधार, पैन या वोटर आईडी से साबित नहीं होती भारतीय नागरिकता: बॉम्बे हाईकोर्ट](https://legaltoday.in/aadhaar-pan-or-voter-id-does-not-prove-indian-citizenship-bombay-high-court/): बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला — पहचान पत्र नागरिकता का सबूत नहीं, बांग्लादेशी आरोपी को जमानत से इनकार आधार, पैन या वोटर आईडी से साबित नहीं होती भारतीय नागरिकता: बॉम्बे हाईकोर्ट Aadhaar, PAN or Voter ID does not prove Indian citizenship: Bombay High Court बॉम्बे हाईकोर्ट ने साफ किया है कि आधार कार्ड Aadhaar Card, पैन कार्ड Pan Card या वोटर आईडी Voter ID होना अपने आप में भारतीय नागरिक होने का प्रमाण नहीं है। न्यायमूर्ति अमित बोर्कर की एकल पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब उसने बांग्लादेश से अवैध रूप से आए एक व्यक्ति को जमानत देने ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्ता आदेश पर प्रियंका गांधी और मेनका गांधी की कड़ी आपत्ति](https://legaltoday.in/priyanka-gandhi-and-maneka-gandhis-strong-objection-on-stray-dog-order-of-supreme-court/): सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्ता आदेश पर प्रियंका गांधी और मेनका गांधी की कड़ी आपत्ति Priyanka Gandhi and Maneka Gandhi strongly object to Supreme Court’s stray dog order सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उठे सवाल: प्रियंका गांधी बोलीं—”कुत्तों के साथ इतनी क्रूरता ठीक नहीं”, मेनका गांधी ने जताई कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली-NCR से आठ हफ्तों में सभी आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर में रखने के आदेश के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि शहर के ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का कड़ा आदेश: 8 हफ्तों में दिल्ली-NCR से सभी आवारा कुत्ते हटाकर शेल्टर में रखें, सड़क पर नहीं छोड़े जाएंगे](https://legaltoday.in/the-supreme-court-order-will-not-be-left-on-the-road-in-8-weeks-and-keep-all-stray-dogs-from-delhi-ncr-and-keep-it-in-the-shelter/): सुप्रीम कोर्ट का कड़ा आदेश: 8 हफ्तों में दिल्ली-NCR से सभी आवारा कुत्ते हटाकर शेल्टर में रखें, सड़क पर नहीं छोड़े जाएंगे Supreme Court’s strict order: All stray dogs from Delhi-NCR should be removed and kept in shelters within 8 weeks, they will not be left on the streets सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली-NCR की सभी कॉलोनियों को 8 हफ्तों में कुत्ता-मुक्त बनाने का आदेश दिया। अदालत ने साफ कर दिया कि पकड़े गए किसी भी कुत्ते को दोबारा सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा और सभी को नगर निकायों ... Read more - [1999 हत्याकांड में महिला बरी: सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की रिश्तेदारी और पारिवारिक विवाद को माना संदेह का आधार](https://legaltoday.in/women-acquitted-in-1999-murder-supreme-court-accepted-witnesss-kinship-and-family-dispute-on-suspicion/): 1999 हत्याकांड में महिला बरी: सुप्रीम कोर्ट ने गवाहों की रिश्तेदारी और पारिवारिक विवाद को माना संदेह का आधार Woman acquitted in 1999 murder case: Supreme Court considers witnesses’ kinship and family dispute as grounds for suspicion सुप्रीम कोर्ट ने 1999 के एक हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रही महिला को बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि सभी प्रमुख गवाह मृतक के रिश्तेदार और एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे, मृतक के परिवार में बंटवारे का विवाद था, और मृत्यु के समय को लेकर स्पष्टता नहीं थी—जिससे संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) आरोपी को दिया ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए की भ्रामक विज्ञापन संबंधी याचिका निपटाई, अंतरिम आदेश हटाया](https://legaltoday.in/supreme-court-removed-the-interim-order-dealt-with-imas-misleading-advertisement/): सुप्रीम कोर्ट ने आईएमए की भ्रामक विज्ञापन संबंधी याचिका निपटाई, अंतरिम आदेश हटाया Supreme Court disposes of IMA’s plea on misleading advertisement, lifts interim order सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की उस जनहित याचिका को निपटा दिया है, जिसमें एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के खिलाफ कथित भ्रामक विज्ञापनों और बयानों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि याचिका में मांगी गई राहत पहले ही मिल चुकी है, इसलिए अब मामले को बंद किया जा रहा है। पीठ ने स्पष्ट किया कि Rule 170 की समाप्ति से ... Read more - [राज्य बार काउंसिलों को ‘वैकल्पिक’ शुल्क वसूलने से रोका, केवल वैधानिक नामांकन शुल्क मान्य - Supreme Court](https://legaltoday.in/state-bar-councils-prevented-from-charging-alternative-fee-only-valid-nomination-fee-valid-supreme-court/): राज्य बार काउंसिलों को ‘वैकल्पिक’ शुल्क वसूलने से रोका, केवल वैधानिक नामांकन शुल्क मान्य – Supreme Court State Bar Councils barred from charging ‘optional’ fees, only statutory enrolment fee valid – Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य बार काउंसिलें अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 24(1)(f) के तहत तय सीमा से अधिक नामांकन शुल्क नहीं वसूल सकतीं। अदालत ने कहा कि तथाकथित “वैकल्पिक शुल्क” भी पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। यह टिप्पणी एक अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें आरोप था कि 2024 के गौरव कुमार बनाम भारत संघ मामले में दिए गए ... Read more - [SupremeCourt आदेश: यूपी बार काउंसिल की बड़ी कार्रवाई, 100 वकीलों के मिले फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र](https://legaltoday.in/supremecourt-order-up-bar-councils-big-action-found-fake-educational-certificate-of-100-lawyers/): SupremeCourt आदेश: यूपी बार काउंसिल की बड़ी कार्रवाई, 100 वकीलों के मिले फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र Supreme Court order: Big action by UP Bar Council, fake educational certificates found of 100 lawyers प्रयागराज — सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा शुरू किए गए व्यापक सत्यापन अभियान में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अब तक की जांच में पंजीकृत अधिवक्ताओं में से करीब 100 वकीलों के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। यह कार्रवाई प्रदेश में वकालत पेशे की साख और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। बार काउंसिल अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ... Read more - [धर्मस्थल सामूहिक दफ़न मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ‘गैग ऑर्डर’ से किया इंकार, कहा – 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना नहीं'](https://legaltoday.in/the-supreme-court-refused-the-gag-order-the-dharmasthal-collective-buried-case-not-crushing-the-freedom-of-expression/): धर्मस्थल सामूहिक दफ़न मामला: सुप्रीम कोर्ट ने ‘गैग ऑर्डर’ से किया इंकार, कहा – ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलना नहीं‘ Dharamsthal mass burial case: Supreme Court refuses ‘gag order’, says ‘do not suppress freedom of expression’ नई दिल्ली, 8 अगस्त 2025 — सुप्रीम कोर्ट ने आज कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर परिसर में कथित “सामूहिक दफ़न” मामले में याचिकाकर्ता के पक्ष में ‘गैग ऑर्डर’ जारी करने से इंकार कर दिया और कहा कि ऐसा आदेश “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल देगा”। साथ ही, ट्रायल कोर्ट को इस मामले पर पुनः विचार करने का निर्देश दिया गया। यह मामला तब सुर्खियों में ... Read more - [एससी ने पलटा झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, दो शिशुओं की हत्या के दोषियों की सजा बहाल](https://legaltoday.in/sc-overturned-jharkhand-high-court-decision-resto/): एससी ने पलटा झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, दो शिशुओं की हत्या के दोषियों की सजा बहाल SC overturns Jharkhand High Court’s decision, restores punishment of two infant murder convicts नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें दो आरोपियों को बरी कर दिया गया था, जिन पर रात में सो रही दो शिशु बेटियों की जलाकर हत्या करने का आरोप था। शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि वाले आदेश को बहाल करते हुए आरोपियों को दो हफ्ते में सरेंडर करने का निर्देश दिया। दो-न्यायाधीशों की पीठ, जिसमें जस्टिस पंकज मित्थल और ... Read more - [Drishyam 2 ओवरसीज़ राइट्स में ₹4.3 करोड़ फ्रॉड केस: दिल्ली हाईकोर्ट ने कुमार मंगत पाठक की याचिका निपटाई](https://legaltoday.in/%e2%82%b9-4-crore-fraud-case-in-drishyam-2-overseas-rights-delhi-high-court-deal-with-kumar-mangat-pathaks-petition/): ₹4.3 crore fraud case in Drishyam 2 overseas rights: Delhi HC disposes of Kumar Mangat Pathak’s plea 📄विधि संवाददाता दिल्ली हाईकोर्ट ने M/s Panorama Studios के डायरेक्टर कुमार मंगत पाठक द्वारा दायर उस याचिका को निपटा दिया, जिसमें उन्होंने Drishyam 2 फिल्म के ओवरसीज़ राइट्स से जुड़े ₹4.3 करोड़ के कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की थी। यह केस चीन, हांगकांग और ताइवान में फिल्म के चीनी भाषा वितरण अधिकारों (Chinese Distribution Rights) से जुड़ा है। जून 2025 में दर्ज FIR में पाठक, भारत सेवक और अन्य पर षड्यंत्र, दस्तावेज़ जालसाजी और अधिकारों ... Read more - [लखीमपुर खीरी केस: सुप्रीम कोर्ट ने गवाह को धमकी मामले में यूपी पुलिस को लगाई फटकार, SP को दिया सख्त निर्देश](https://legaltoday.in/lakhimpur-kheri-case-supreme-court-reprimanded-up-police-in-the-threat-case-strict-instructions-to-sp/): Lakhimpur Kheri case: Supreme Court reprimanded UP Police in the case of threatening the witness, gave strict instructions to SP लखीमपुर खीरी केस: गवाह को धमकी की शिकायत पर यूपी पुलिस की सफाई से सुप्रीम कोर्ट नाखुश सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश पुलिस की उस सफाई पर कड़ा असंतोष जताया जिसमें कहा गया था कि गवाह बलजिंदर सिंह पुलिस के बुलावे के बावजूद सामने नहीं आए। बलजिंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में अपनी गवाही बदलने के लिए लालच और धमकी दी जा रही है। यह वही केस है जिसमें पूर्व केंद्रीय ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज, कहा- इम्पीचमेंट प्रक्रिया पर संसद का अधिकार सर्वोच्च](https://legaltoday.in/the-supreme-court-rejected-the-petition-of-justice-yashwant-verma-said-that-parliaments-right-to-the-impression-process-is-supreme/): Supreme Court rejects Justice Yashwant Verma’s petition, says- Parliament has supreme right on impeachment process देश की सर्वोच्च अदालत ने गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने इन-हाउस जांच समिति की रिपोर्ट और पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना की सिफारिश को चुनौती दी थी। इस सिफारिश में दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यरत रहते हुए उनके आधिकारिक आवास पर आग लगने की घटना के बाद बरामद जली हुई बेहिसाब नकदी मामले में उनके खिलाफ महाभियोग (Impeachment) कार्यवाही शुरू करने की बात कही गई थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ... Read more - [इलाहाबाद HC के 13 जज सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ, फुल कोर्ट मीटिंग बुलाने की मांग — जस्टिस प्रशांत कुमार को लेकर विवाद तेज](https://legaltoday.in/allahabad-hc-13-judges-demand-a-full-court-meeting-against-the-order-of-the-supreme-court-controversy-over-justice-prashant-kumar-intensifies/): 13 judges of Allahabad High Court against the order of the Supreme Court, demand to call a full court meeting – Controversy over Justice Prashant Kumar intensifies इलाहाबाद हाईकोर्ट के 13 न्यायाधीशों ने सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया आदेश के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण भंसाली को फुल कोर्ट मीटिंग बुलाने का आग्रह किया है। इन जजों ने इस बाबत एक हस्ताक्षरित पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। हालांकि, इस पत्र की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। 🔹 विवाद की जड़ 4 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ... Read more - [BOMBAY HC: पत्नी की स्थानांतरण याचिका खारिज, कोर्ट ने बताया देरी करने की रणनीति — वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी का विकल्प खुला](https://legaltoday.in/bombay-hc-wife-transfer-petition-dismissed/): BOMBAY HC: Wife’s transfer petition rejected, court calls it a delaying tactic – Option of appearance through video conferencing open बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस पत्नी की स्थानांतरण याचिका खारिज कर दी है, जिसने पुणे फैमिली कोर्ट PUNE FAMILY COURT में चल रही तलाक की कार्यवाही को उस्मानाबाद स्थानांतरित करने की मांग की थी। न्यायमूर्ति कमल खता की एकल पीठ ने कहा कि यह स्थानांतरण आवेदन कार्यवाही में देरी करने की एक रणनीतिक कोशिश है और प्रक्रिया का ऐसा दुरुपयोग स्वीकार नहीं किया जा सकता। 🔹 पृष्ठभूमि: पति द्वारा पुणे की फैमिली कोर्ट में तलाक DIVORCE की याचिका दायर की गई ... Read more - [इलाहाबाद HC के एक न्यायाधीश को आपराधिक मामलों से हटाने को लेकर SC में छिड़ी अभूतपूर्व बहस , डैमेज कंट्रोल में जुटे CJI](https://legaltoday.in/the-unprecedented-debate-in-sc-to-remove-a-judge-of-allahabad-hc-from-criminal-cases-cji/): An unprecedented debate erupted in the SC over the removal of an Allahabad HC judge from criminal cases, CJI engaged in damage control “सुप्रीम कोर्ट के भीतर टकराव: न्यायिक अधिकारों की सीमा पर गहराया विवाद” ✍️ विधि संवाददाता | 7 अगस्त 2025, नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों आंतरिक न्यायिक मर्यादा और संवैधानिक प्रक्रिया को लेकर एक अभूतपूर्व बहस छिड़ गई है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ द्वारा पारित आदेश, जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश को आपराधिक मामलों से हटाने का निर्देश दिया गया, ने सर्वोच्च न्यायालय के भीतर ही संवैधानिक सीमाओं और अधिकारों ... Read more - [सिर्फ कयासों पर नहीं हो सकती सजा: सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों की हत्या के आरोप में महिला को बरी किया](https://legaltoday.in/only-speculations-cannot-be-punished-the-supreme-court-acquitted-a-woman-on-charges-of-killing-children/): 🧾विधि संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ की एक महिला को अपने दो बच्चों की हत्या के मामले में बरी कर दिया है, यह पाते हुए कि केवल एक दुकान मालिक की गवाही, जो स्वयं अविश्वसनीय और अप्रत्यक्ष (हियरसे) साक्ष्य थी, के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता। ⚖️ उच्च न्यायालय का फैसला पलटा यह अपील छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के द्वैपीठ द्वारा दिए गए उस निर्णय के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें महिला को IPC की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश CJI और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को दी राहत, विदेश यात्रा के लिए जमा ₹1 करोड़ लौटाने का आदेश](https://legaltoday.in/supreme-court-ordered-relief-to-karti-chidambaram-to-return-%e2%82%b9-1-crore-for-traveling-abroad/): Supreme Court gives relief to Karti Chidambaram, orders return of ₹1 crore deposited for foreign travel 🧾विधि संवाददाता कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें विदेश यात्रा के लिए 2022 में शर्त के तौर पर जमा कराए गए ₹1 करोड़ की राशि ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया है। यह राशि कार्ति चिदंबरम ने मनी लॉन्ड्रिंग मामलों से संबंधित मामलों की जांच के दौरान जमानत शर्तों Condition of Bail के तहत जमा कराई थी। जांच INX मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस मामलों से जुड़ी थी, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directrate) और CBI ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका खारिज की, महाभियोग की सिफारिश पर रोक से इनकार](https://legaltoday.in/supreme-court-refuses-to-stop-the-recommendation-of-impeachment-of-justice-yashwant-vermas-petition-dismissed/): Supreme Court rejects Justice Yashwant Verma’s petition, refuses to stay impeachment recommendation 🧾विधि संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने इन-हाउस तीन-न्यायाधीश जांच समिति की रिपोर्ट और पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना द्वारा की गई महाभियोग की सिफारिश को चुनौती दी थी। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने वर्मा की यह दलील खारिज कर दी कि उन्हें जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। ⚖️ क्या है मामला? मार्च 2024 में दिल्ली स्थित उनके ... Read more - ['रेव पार्टी केस में एल्विश यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, कानूनी कार्यवाही पर अंतरिम रोक'](https://legaltoday.in/elvish-yadav-in-rev-party-case-has-an-interim-prohibition-on-major-relief-legal-proceedings-from-supreme-court/): ‘Big relief to Elvish Yadav from Supreme Court in rave party case, interim stay on legal proceedings’ 🧾 विधि संवाददाता नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025:सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ रेव पार्टी मामले में दर्ज आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस मामले में सांप का ज़हर और अन्य मादक पदार्थों के इस्तेमाल का आरोप है। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए एल्विश यादव की याचिका पर जवाब मांगा है। ⚖️ हाईकोर्ट के फैसले ... Read more - ['सिर्फ पेशा वकालत होने से अभियोजन से छूट नहीं मिल सकती: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला'](https://legaltoday.in/supreme-court-cannot-get-a-big-decision-from-prosecution-only-due-to-advocacy/): “आप वकील हैं तो क्या अपराध में मास्टरमाइंड नहीं हो सकते?” — सुप्रीम कोर्ट ‘Just being a lawyer cannot be exempted from prosecution: Supreme Court’s big decision’ 🧾विधि संवाददाता नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025:सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि किसी वकील को सिर्फ इसलिए अभियोजन से छूट नहीं दी जा सकती क्योंकि वह पेशे से अधिवक्ता है। अदालत ने एक वकील द्वारा आपराधिक मामले में मुख्य आरोपी के साथ साजिश रचने के आरोप को महज टेलीफोनिक बातचीत के आधार पर खारिज करने से इनकार कर दिया। ⚖️ “आप वकील हैं तो क्या अपराध में मास्टरमाइंड नहीं ... Read more - ['बेटी से दुष्कर्म पर पिता की सजा बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा — यह संविधान की आत्मा का अपमान है'](https://legaltoday.in/the-fathers-sentence-on-rape-of-the-daughter-continued-this-is-an-insult-to-the-soul-of-the-constitution/): ‘Father’s sentence for raping his daughter upheld, Supreme Court said – this is an insult to the spirit of the Constitution’ “घर को शरणस्थली होना चाहिए, न कि ऐसा स्थान जो पीड़ा का स्रोत बने। ऐसे मामलों में न्यायपालिका को स्पष्ट संदेश देना होगा कि इन अपराधों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।” 🧾 विधि संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया है कि “महिला की गरिमा गैर-परक्राम्य है” और दया की याचना इस मामले में न्याय का अपमान होगी। न्यायालय ने यह भी कहा कि ... Read more - [बिहार मतदाता सूची में 65 लाख नाम हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग से जवाब-तलब](https://legaltoday.in/supreme-court-summoned-response-from-election-commission-for-removing-65-lakh-names-in-bihar-voter-list/): Supreme Court seeks response from Election Commission on removal of 65 lakh names from Bihar voter list 🧾विधि संवाददाता नई दिल्ली, 6 अगस्त 2025:सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार में विशेष तीव्र पुनरीक्षण (SIR) के बाद तैयार की गई मसौदा मतदाता सूची से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में चुनाव आयोग (ECI) से 9 अगस्त तक विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। यह निर्देश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भूइयाँ और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने एनजीओ ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) की एक नई याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। ⚖️ क्या है ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश से सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई छीनी](https://legaltoday.in/supreme-court-rebuked-all-criminal-cases-from-the-allahabad-high-court-judge-and-snatched-hearing/): The Supreme Court has taken away the responsibility of hearing all criminal cases from the Allahabad High Court judge in a strong reprimand “कानून की घोर अज्ञानता” को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बिना प्रतिवादियों को नोटिस दिए रद्द कर दिया। मामले को दोबारा सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा गया। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत कुमार को सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई से हटाने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के उस आदेश को “न्याय का ... Read more - [आकस्मिक उपस्थिति भर से हिरासत नहीं दी जा सकती: एनडीपीएस केस में हिमाचल हाईकोर्ट से ज़मानत](https://legaltoday.in/certification-cannot-be-given-from-himachal-high-court-in-ndps-case-due-to-accidental-attendance/): Himachal High Court: In a drug case, mere presence cannot be linked to the crime 📰 आकस्मिक उपस्थिति भर से हिरासत नहीं दी जा सकती: एनडीपीएस केस में हिमाचल हाईकोर्ट से ज़मानत विधि संवाददाता हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 21 और 29 के तहत दर्ज एक एफआईआर FIR में आरोपी को ज़मानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति राकेश कैंथला की एकल पीठ ने यह स्पष्ट किया कि पुलिस को किसी आरोपी को अपराध से जोड़ने के लिए ठोस आधार प्रस्तुत करना होगा, और केवल किसी की मौजूदगी के आधार पर ... Read more - [न्यायालय जाने से रोकना है सबसे गंभीर आपराधिक अवमानना: इलाहाबाद हाईकोर्ट](https://legaltoday.in/the-most-serious-criminal-contempt-is-allahabad-high-court/): Preventing from going to court is the most serious criminal contempt: Allahabad High Court 🧾 विधि संवाददाता इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय जाने से रोकना या डराना, आपराधिक अवमानना का सबसे गंभीर रूप है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने एक जनहित याचिका Public Interest Litigation की सुनवाई के दौरान की, जिसमें उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सरकारी पेड़ों की कटाई और चोरी के आरोप लगाए गए थे। ⚖️ कोर्ट की सख्त टिप्पणी: न्यायमूर्ति मुनीर ने कहा: “देश में कोई भी व्यक्ति किसी को न्यायालय जाने और अपनी विधिक राहत ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट की नसीहत: 'बार-बेंच' संबंध न टूटे, यतिन ओझा अवमानना मामले में माफ़ी ही पर्याप्त सज़ा](https://legaltoday.in/the-supreme-courts-practice-is-not-a-bench-relationship-broken-sufficient-punishment-in-the-contempt-case/): Supreme Court’s advice: Bar-bench relations should not be broken, apology is sufficient punishment in Yatin Ojha contempt case 📰 सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: “जीवन में पछतावा ही सबसे बड़ी सज़ा है” — यतिन ओझा अवमानना मामला 🧾विधि संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने आज गुजरात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यतिन ओझा द्वारा दायर उस अपील पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से टिप्पणी की कि “बार और बेंच के बीच रिश्ते लंबे समय तक टूटे नहीं रह सकते।” यह मामला ओझा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही Contempt Proceeding से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने गुजरात उच्च न्यायालय की रजिस्ट्री पर भ्रष्टाचार ... Read more - [दया नियुक्ति अनंत अधिकार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने 18 साल बाद की याचिका खारिज की](https://legaltoday.in/daya-appointment-is-not-infinite-rights-delhi-high-court-rejected-petition-after-18-years/): Mercy appointment not an eternal right: Delhi HC dismisses plea after 18 years 📰 विधि संवाददाता दिल्ली उच्च न्यायालय ने दया नियुक्ति (Compassionate Appointment) की मूल भावना को दोहराते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में नियुक्ति की मांग वाली एक याचिका को खारिज कर दिया, जो याचिकाकर्ता ने अपने पिता की मृत्यु के लगभग 18 वर्ष बाद दाखिल की थी। न्यायालय ने साफ कहा कि दया नियुक्ति न तो नियमित भर्ती का विकल्प है और न ही पीढ़ीगत अधिकार। न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने कहा: “दया नियुक्ति कोई स्थायी अधिकार नहीं है ... Read more - [जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर 8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई](https://legaltoday.in/hearing-in-supreme-court-on-august-8-on-petition-to-restore-state-status-to-jammu-and-kashmir/): The Supreme Court will hear the petition to restore the state status of Jammu and Kashmir on August 8 सुप्रीम कोर्ट 8 अगस्त को एक अहम याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को पुनः राज्य का दर्जा देने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) B R Gawai की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और आग्रह किया कि याचिका की सूची से यह मामला न हटाया जाए। मुख्य न्यायाधीश ने अनुरोध स्वीकार करते हुए ... Read more - [यूपी पुलिस ने 'गिरफ्तारी' और 'तलाशी' के लिए जारी किए 'नए दिशानिर्देश'](https://legaltoday.in/up-police-issued-new-guidelines-for-arrest-and-search/): UP Police issued ‘new guidelines’ for ‘arrest’ and ‘search’ उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), राजीव कृष्णा, आईपीएस ने एक नया डीजी सर्कुलर (संख्या 25/2025) जारी किया है, जिसमें गिरफ्तारी और व्यक्तिगत तलाशी के लिए नए प्रारूपों का पालन करने का निर्देश दिया गया है । यह निर्देश इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक रिट याचिका संख्या-934/2025 (मंजीत सिंह उर्फ इंदर बनाम यूपी राज्य) में दिए गए एक आदेश के बाद जारी किया गया है । इस मामले में, माननीय उच्च न्यायालय ने मु.अ.सं. 77/2024 के आरोपी मंजीत सिंह चन्ना की गिरफ्तारी के दौरान दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 50 ... Read more - [तेलंगाना उच्च न्यायालय: गोला-बारूद की बरामदगी मात्र से शस्त्र अधिनियम के तहत आरोप सिद्ध नहीं](https://legaltoday.in/charges-not-proved-under-the-arms-act-due-to-the-seizure-of-telangana-high-court-ammunition/): Telangana High Court: Mere recovery of ammunition does not prove charge under Arms Act तेलंगाना उच्च न्यायालय ने करण सजनानी बनाम तेलंगाना राज्य मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें उसने शस्त्र अधिनियम, 1959 (अधिनियम) के तहत एक व्यक्ति को आरोपमुक्त कर दिया। याचिकाकर्ता के पास केवल गोला-बारूद की बरामदगी के आधार पर आरोप नहीं लगाए जा सकते, जब तक यह साबित न हो कि उसे गोला-बारूद रखने का सचेत कब्जा और मानसिक इरादा था। 📝 पृष्ठभूमि: ‘सचेत कब्जा’ और mens rea की व्याख्या: न्यायालय द्वारा उद्धृत सिद्धांत: ⚖️ न्यायालय का विश्लेषण: 🔑 निर्णय: 📜 न्यायालय की महत्वपूर्ण टिप्पणी: करण ... Read more - [Supreme Court का फैसला: वर्णांधता के कारण नौकरी से हटाना अनुचित, वैकल्पिक रोजगार देना होगा – संवैधानिक कर्तव्य की पुन: पुष्टि](https://legaltoday.in/supreme-courts-decision-will-have-to-provide-inappropriate-alternative-employment-due-to-colorfulness-re-confirmation-of-constitutional-duties/): Supreme Court’s decision: Dismissal from job due to colour blindness is unfair, alternative employment must be provided – constitutional duty reaffirmed सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TSRTC) को फटकार लगाते हुए उस अपीलकर्ता को वैकल्पिक रोजगार देने का निर्देश दिया, जिसे केवल वर्णांधता (कलर ब्लाइंडनेस) के आधार पर समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया गया था। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि निगम ने बिना किसी वास्तविक मूल्यांकन के अपीलकर्ता को सेवा से हटा दिया, जबकि वह गैर-चालक पद पर नियुक्ति चाहता था। यह न केवल 1979 ... Read more - [एससी का फैसला: बैलेंस शीट में ऋण की पावती मान्य, IFIN का दिवाला आवेदन समयसीमा के भीतर](https://legaltoday.in/scs-decision-in-the-balance-sheet-within-the-bank/): SC verdict: Acknowledgement of loan in balance sheet valid, IFIN’s insolvency application within time limit यह फैसला कॉर्पोरेट दिवाला कानून की व्याख्या में एक महत्वपूर्ण नज़ीर स्थापित करता है, जिसमें स्पष्ट किया गया कि बैलेंस शीट में ऋण की प्रविष्टियाँ भी वैध पावती हो सकती हैं, बशर्ते वे निदेशक मंडल द्वारा अनुमोदित और सार्वजनिक रिकॉर्ड में दर्ज हों। सुप्रीम कोर्ट ने आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (IFIN) द्वारा आधुनिक मेघालय स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने के प्रयासों को नया जीवन देते हुए एनसीएलटी और एनसीएलएटी के निर्णयों को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा ... Read more - [सेना अधिकारी पर हमला: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच को दी मंजूरी, कहा – वर्दीधारियों की गरिमा सर्वोपरि](https://legaltoday.in/attack-on-army-officer-supreme-court-approves-cbi-investigation/): Attack on army officer: Supreme Court approves CBI investigation, says dignity of uniformed personnel is paramount विधि संवाददातासुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब पुलिस द्वारा एक कार्यरत आर्मी कर्नल पर कथित हमले के मामले में CBI जांच को मंजूरी देते हुए पंजाब सरकार की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने सेना की गरिमा और अनुशासन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वर्दीधारियों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति CJI बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने स्पष्ट किया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई और आपराधिक उत्तरदायित्व दोनों साथ-साथ चलने चाहिए, जब बात सशस्त्र ... Read more - [पांच न्यायाधीशों की इलाहाबाद हाईकोर्ट में नियुक्ति, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी](https://legaltoday.in/president-appoints-five-judges-in-allahabad-high-court/): President approves appointment of five judges in Allahabad High Court विधि संवाददाताभारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में पांच न्यायिक अधिकारी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए इन नियुक्तियों को स्वीकृति प्रदान की है। जारी अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित न्यायिक अधिकारी को, उनके उल्लेखित क्रम में, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है: यह नियुक्तियाँ उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी। 📜 ... Read more - ['सच्चा भारतीय ऐसा नहीं कहेगा': सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सेना पर टिप्पणी को लेकर लगाई फटकार, मुकदमे की कार्यवाही पर रोक](https://legaltoday.in/a-true-indian-will-not-say-so-supreme-court-reprimanded-the-case-of-rebuke-on-rahul-gandhis-army/): ‘A true Indian would not say this’: Supreme Court reprimands Rahul Gandhi for his comment on the army, stays the proceedings of the case न्यायाधीशों ने कड़ी फटकार लगाई और कहा ‘संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर, और असत्यापित दावों से सशस्त्र बलों और पूरे राष्ट्र का मनोबल न गिराएँ।’ विधि संवाददातासुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भारतीय सेना पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर कड़ी फटकार लगाई। यह टिप्पणी 2022 में अरुणाचल प्रदेश के यांग्सी क्षेत्र में भारत-चीन सेनाओं के बीच हुई झड़प के संदर्भ में की गई थी। सर्वोच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता राहुल ... Read more - [पूर्व-गिरफ्तारी जमानत के बदले वैवाहिक संबंध बहाल करने की शर्त असंवैधानिक: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड HC का आदेश रद्द किया](https://legaltoday.in/the-condition-of-restoring-marital-relations-in-exchange-for-prior-arrest-bail-the-unconstitutional-supreme-court-canceled-the-order-of-jharkhand-hc/): Condition of restoration of marital relationship in exchange for pre-arrest bail unconstitutional: Supreme Court quashes Jharkhand High Court order सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक आरोपी को इस शर्त पर अग्रिम जमानत दी गई थी कि वह अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करेगा और उसे “सम्मान व गरिमा” के साथ रखेगा। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता CrPC की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत देते समय इस प्रकार की शर्त लगाना विधिसम्मत नहीं है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टिन ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने बदला मौत की सज़ा: पत्नी और बच्चों की हत्या के दोषी को उम्रकैद, बिना छूट के जीवनपर्यंत जेल](https://legaltoday.in/supreme-court-changed-death-wife-and-convict-of-killing-children/): Supreme Court changes death sentence: Life imprisonment for the person found guilty of murdering his wife and children, life imprisonment without remission सुप्रीम कोर्ट ने बायलुरु थिप्पैया बनाम कर्नाटक राज्य मामले में शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए पत्नी, साली और तीन बच्चों की नृशंस हत्या के दोषी की मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में परिवर्तित कर दिया। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संजय करोल, और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने माना कि यद्यपि अपराध जघन्य है, फिर भी दोषी की सामाजिक और मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों तथा सुधार की संभावना को देखते हुए मृत्युदंड को बरकरार रखना उचित नहीं होगा। 📌 ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: आर्मी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न को ₹25,000 प्रतिमाह वजीफा देने का आदेश दिया](https://legaltoday.in/supreme-courts-major-decision-ordered-to-give-%e2%82%b9-25000-per-month-to-the-intern-of-army-medical-college/): Big decision of Supreme Court: Ordered to give stipend of ₹ 25,000 per month to Army Medical College interns सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली स्थित आर्मी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज (ACMS) को 2022 बैच के MBBS इंटर्न्स को ₹25,000 प्रतिमाह के हिसाब से वजीफा देने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने दिया, जो कि मेडिकल स्नातक अभिषेक यादव और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने कॉलेज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर. बालासुब्रमण्यम से कड़े शब्दों में पूछा कि जब इंटर्न 18-19 घंटे तक ... Read more - ['दीवानी विवाद को आपराधिक रूप देना कानूनन स्वीकार्य नहीं': सुप्रीम कोर्ट का महत्त्वपूर्ण निर्णय](https://legaltoday.in/important-decision-of-supreme-court-not-acceptable-to-criminal-dispute/): ‘It is not legally acceptable to criminalise a civil dispute’: Important decision of the Supreme Court यह निर्णय — Urmila Devi & Ors. v. Balram & Another (2025 INSC 915) — भारतीय दंड संहिता के तहत दायर एक दीर्घकालिक आपराधिक मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसमें न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि केवल दीवानी विवाद को आपराधिक रंग देकर कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। मामले की पृष्ठभूमि: यह विवाद एक संपत्ति के दावे को लेकर दो दशक से लंबित था। मृतक वसीयतनामा निर्माता (Testator) ने अपने चार बहुओं के ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने कहा: राजनीतिक दलों पर यौन उत्पीड़न कानून लागू करना नीति का मामला, संसद तय करे](https://legaltoday.in/supreme-court-said-that-the-implementation-of-sexual-harassment-law-on-political-parties-should-decide-the-matter-of-policy/): Supreme Court said: Applying POSH law on political parties is a matter of policy, Parliament should decide राजनीतिक दलों पर POSH कानून लागू करने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज, कोर्ट बोला – संसद का विषय सुप्रीम कोर्ट ने कहा: राजनीतिक दलों पर यौन उत्पीड़न कानून लागू करना नीति का मामला, संसद तय करे सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी, जिसमें मांग की गई थी कि सभी राजनीतिक दलों पर कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण कानून, 2013 (POSH Act) को लागू किया जाए। मुख्य न्यायाधीश CJI B.R. Gavai और ... Read more - [सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ असहनीय: मद्रास हाईकोर्ट ने वकील को दी चेतावनी](https://legaltoday.in/unaware-comments-against-judiciary-on-social-media-unbearable-madras-high-court-warns-lawyer/): Derogatory comments against judiciary on social media intolerable: Madras High Court warns lawyer मद्रास हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: जजों पर जातिगत आरोप न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला, अनुच्छेद 19 के तहत नहीं मद्रास उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया पर न्यायपालिका और न्यायाधीशों के खिलाफ जातिगत और सांप्रदायिक आरोपों पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में न्यायपालिका को बदनाम करने की छूट नहीं दी जा सकती। यह टिप्पणी एक अवमानना (contempt of court) से जुड़े मामले में आई है, जिसमें अधिवक्ता एस. वंचिनाथन ने बार-बार न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों ... Read more - [SC ने दो वकीलों के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई को किया ख़ारिज, कहा– ‘क्षमा धर्म का मूल’](https://legaltoday.in/sc-dismissed-disciplinary-action-against-two-lawyers-the-origin-of-forgiveness-religion/): SC dismissed disciplinary action against two lawyers, said – ‘Forgiveness is the basis of religion’ सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: वकीलों की माफ़ी को स्वीकारते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही को किया समाप्त सुप्रीम कोर्ट की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने SLP (Crl.) No. 6029/2025 – एन. ईश्वरनाथन बनाम राज्य मामले में दो वकीलों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को समाप्त कर दिया। पीठ में सीजेआई बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन, जस्टिस जॉयमल्या बागची शामिल थे। 🔸 पृष्ठभूमि: मामला एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड पी. सोमा सुंदरम और ड्राफ्टिंग वकील एस. मुथुकृष्णन के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई से जुड़ा था। आरोप था कि दोनों वकीलों ... Read more - [सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता मोहन बाबू और उनके बेटे के खिलाफ आपराधिक मामला रद्द किया, कहा– शांतिपूर्ण प्रदर्शन अभिव्यक्ति की आज़ादी का हिस्सा](https://legaltoday.in/the-supreme-court-canceled-the-criminal-case-against-actor-mohan-babu-and-his-son-peaceful-demonstration-of-expression-freedom/): Supreme Court quashes criminal case against actor Mohan Babu and his son, says- peaceful protest is part of freedom of expression सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण धरने में भाग लेने पर दर्ज एफआईआर को रद्द किया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बताया मौलिक अधिकार नई दिल्ली, जुलाई 2025 — सुप्रीम कोर्ट ने प्रसिद्ध तेलुगू अभिनेता मांचू मोहन बाबू और उनके बेटे के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही को निरस्त करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने मौलिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे थे। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने यह निर्णय Manchu Mohan ... Read more - [ईडी के व्यापक अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई शुरू: पहले सुनवाई 'योग्यता' पर होगी बहस](https://legaltoday.in/hearing-of-reconsideration-petitions-in-supreme-court-on-widespread-rights-of-ed-will-be-debated-before-hearing-qualification/): Hearing on review petitions on ED’s broad powers begins in Supreme Court: First there will be debate on admissibility सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को विजय मदनलाल चौधरी बनाम भारत संघ (2022) मामले में दिए गए निर्णय के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की। इस ऐतिहासिक फैसले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिए गए व्यापक अधिकारों को वैध ठहराया गया था। न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि वे पहले यह देखेंगे कि पुनर्विचार याचिकाएं प्रारंभिक दृष्टि से सुनवाई योग्य हैं ... 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